समाज सेवा से ही राष्ट्र सेवा और व्यक्तित्व का विकास संभव: प्राचार्य बी.एल. चौधरी

शाउमावि सुखरीकला में 57वां एनएसएस स्थापना दिवस हर्षोल्लास से संपन्न: विद्यार्थियों ने किया पौधरोपण और स्वच्छता श्रमदान
🔴आज की बात News | जांजगीर चांपा। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुखरीकला की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा 57वां एनएसएस स्थापना दिवस गरिमामय वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम संस्था के प्राचार्य बी.एल. चौधरी के संरक्षण तथा कार्यक्रम अधिकारी आर.के. राठौर व सहायक कार्यक्रम अधिकारी एम.आर. राज के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना और एनएसएस गीतों के साथ हुआ।
प्रेरणादायी गीतों और नारों से गूंजा परिसर
कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवक सुरभी साहू, इषिता बरेठ और ज्योति बरेठ ने सुमधुर सरस्वती वंदना तथा रासेयो गीत प्रस्तुत किया। वहीं कुनाल साहू ने लक्ष्य गीत “उठे समाज के लिए उठे” और हेमा मन्नेवार ने “जय जगत…” प्रेरणा गीत गाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्वयंसेवकों ने “देश की ताकत नौजवान, देश की हिम्मत नौजवान” जैसे नारों से पूरे परिसर में नई ऊर्जा का संचार किया।
सेवा से होता है व्यक्तित्व निर्माण: प्राचार्य
समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्य बी.एल. चौधरी ने एनएसएस के आदर्श वाक्य “नॉट मी बट यू” (मैं नहीं, आप) का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ समाज सेवा के माध्यम से ही राष्ट्र सेवा संभव है और इससे स्वयंसेवकों के व्यक्तित्व में वास्तविक निखार आता है। उन्होंने अपने पूर्व सेवा काल के अनुभवों को साझा करते हुए विद्यार्थियों को समाज के रचनात्मक कार्यों में सदैव अग्रणी रहने के लिए प्रेरित किया।
‘एक पेड़ मां के नाम’ और स्वच्छता अभियान
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में स्वयंसेवकों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत विद्यालय परिसर में फलदार व छायादार पौधे रोपे। इसके साथ ही सघन स्वच्छता श्रमदान कर “स्वच्छ विद्यालय-स्वस्थ विद्यालय” का संदेश दिया। इस अवसर पर वरिष्ठ व्याख्याता के.एस. कंवर, ए.एल. डहरिया, अश्वनी लहरे, एल.एन. सोनकर, पुरुषोत्तम कंवर सहित स्टाफ सदस्य, पंचगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में सहायक कार्यक्रम अधिकारी एम.आर. राज ने सभी का आभार जताया।




