दूधाधारी मठ के पीठाधीश्वर डॉ. महंत रामसुंदर दास पहुंचे ग्राम खोखरा, मां मनका दाई मंदिर में पूजा-अर्चना कर लिया आशीर्वाद

विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि और शांति की कामना; मां मनका दाई पब्लिक ट्रस्ट ने शॉल-श्रीफल भेंटकर प्राप्त किया आशीर्वाद
🔴 आज की बात News | जांजगीर-चांपा। क्वांर शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर श्री दूधाधारी मठ एवं श्री शिवरीनारायण मठ के पीठाधीश्वर डॉ. महंत रामसुंदर दास जी महाराज ने जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम खोखरा स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां मनका दाई मंदिर पहुंचकर माता रानी के दर्शन किए। उन्होंने विधि-विधान से मां मनका दाई की पूजा-अर्चना की और प्रदेश सहित समूचे देशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना करते हुए विश्व कल्याण की प्रार्थना की।
नवरात्रि पर शक्तिपीठ में उमड़ रहा आस्था का सैलाब
शारदीय नवरात्रि के पावन दिनों में मां मनका दाई के दरबार में सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी पावन कड़ी में पीठाधीश्वर डॉ. महंत रामसुंदर दास जी महाराज के मंदिर आगमन से समूचा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। महाराज जी ने गर्भगृह में विराजित माता रानी के दर्शन कर पूजा-अर्चना संपन्न की और सभी के आरोग्य व खुशहाली की कामना की।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने शॉल-श्रीफल भेंट कर लिया आशीर्वाद
महाराज जी के मंदिर आगमन पर मां मनका दाई पब्लिक ट्रस्ट की ओर से भव्य स्वागत किया गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष राधे थवाईत एवं समिति के सदस्यों ने पीठाधीश्वर डॉ. महंत रामसुंदर दास जी महाराज का आत्मीय अभिनंदन करते हुए उन्हें शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उपस्थित पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने महाराज जी के चरण स्पर्श कर उनका पावन आशीर्वाद प्राप्त किया।
छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपराओं के संवाहक
गौरतलब है कि श्री दूधाधारी मठ एवं श्री शिवरीनारायण मठ के पीठाधीश्वर के रूप में डॉ. महंत रामसुंदर दास जी महाराज छत्तीसगढ़ की समृद्ध धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन में निरंतर अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं। उनके सानिध्य और मार्गदर्शन से श्रद्धालुओं को सदैव धार्मिक प्रेरणा मिलती रही है। महाराज जी ने इस अवसर पर कहा कि मां मनका दाई के दरबार में आने वाले हर श्रद्धालु की मनोकामना पूर्ण होती है और शक्ति की यह आराधना समाज में सकारात्मकता तथा समरसता का संचार करती है।




