Chhattisgarh

गरबा महोत्सव समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा व मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक: मुख्यमंत्री ने रेखांकित किए महिला सशक्तीकरण के प्रयास

डबल इंजन सरकार में बस्तर में बारूद की जगह गूंज रही मांदर की थाप, विकास और विरासत को साथ लेकर बढ़ रहा प्रदेश

🔴 आज की बात News | रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा महोत्सवों और दुर्गा पूजा पंडालों में शामिल हुए। उन्होंने मां आदिशक्ति के चरणों में शीश नवाकर पूजा-अर्चना की तथा समस्त प्रदेशवासियों के कल्याण, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि केवल शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की आराधना का पर्व नहीं, बल्कि यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और मातृशक्ति के सम्मान का महापर्व है।

गरबा हमारी सांस्कृतिक एकता का सशक्त माध्यम

मुख्यमंत्री श्री साय ने माना बाजार और सार्वजनिक श्री श्री दुर्गा पूजा समिति के पंडालों में दर्शन के बाद हुकुम ललित महल, रामबाग, राम मंगलम लॉन तथा शंकर नगर के बीटीआई मैदान में आयोजित प्रमुख गरबा कार्यक्रमों में शिरकत की। जनसमुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गरबा मां दुर्गा के प्रति आस्था प्रकट करने का माध्यम होने के साथ-साथ पूरे समाज को प्रेम और भाईचारे के सूत्र में पिरोता है। विविधता में एकता ही हमारे देश की पहचान है और ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखने का काम करते हैं।

मातृशक्ति का सम्मान और स्वावलंबन सरकार की शीर्ष प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब महिलाएं सशक्त और आत्मनिर्भर बनती हैं, तो पूरा परिवार और समाज प्रगति करता है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह 1000 रुपये की सीधी आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके साथ ही स्व-सहायता समूहों और आजीविका मिशन के माध्यम से प्रदेश की 14 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आर्थिक रूप से समृद्ध हुई हैं। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

विकास के साथ आस्था का संरक्षण: शक्तिपीठों का हो रहा कायाकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरती है, जहां दंतेश्वरी, बम्लेश्वरी, महामाया और चंद्रहासिनी जैसी देवियों की आराधना सदियों से चली आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। प्रदेश के सभी प्रमुख देवी शक्तिपीठों और धार्मिक स्थलों का समग्र विकास किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें।

बस्तर में बारूद की जगह अब गूंज रही खुशहाली के मांदर की थाप: केदार कश्यप

समारोह में उपस्थित कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी गई है। इसी का परिणाम है कि बस्तर आज शांति और विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है। जिस बस्तर में कभी बारूद और धमाकों की आवाजें आती थीं, वहां आज खुशहाली और उत्सव के मांदर की थाप सुनाई दे रही है।

कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button