प्रगतिशील छत्तीसगढ़ प्रदर्शनी: दूसरे दिन उमड़ा जनसैलाब, 8 हजार लोगों ने देखी विकास की भव्य झांकी

कल होगा समापन: सांसद कमलेश जांगड़े और पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल रहेंगे मौजूद
जांजगीर चाम्पा। स्थानीय पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय राज्यस्तरीय मेगा प्रदर्शनी ‘प्रगतिशील छत्तीसगढ़ 2026’ के दूसरे दिन उत्साह का माहौल रहा। सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शनी का शुक्रवार को करीब आठ हजार से अधिक नागरिकों, युवाओं और स्कूली छात्र-छात्राओं ने अवलोकन किया। शनिवार, 21 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे सांसद कमलेश जांगड़े और छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल की गरिमामय उपस्थिति में इस प्रदर्शनी का विधिवत समापन होगा।
छात्रों के लिए आकर्षण का केंद्र रही प्रतियोगिताएं
प्रदर्शनी के दूसरे दिन जांजगीर-चांपा के विभिन्न स्कूलों से आए छात्रों ने स्टॉल्स का भ्रमण कर नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। इस दौरान दिनभर विभिन्न ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। सही जवाब देने वाले मेधावी छात्रों को मौके पर ही आकर्षक उपहार देकर पुरस्कृत किया गया, जिससे बच्चों में भारी उत्साह देखा गया।
एक ही छत के नीचे देश-प्रदेश की झलक
प्रदर्शनी में दिल्ली के ‘फ्रेंड्ज़ एक्जिबिशन एंड प्रमोशन’ और ‘लेडीज सर्कल इंडिया’ के सहयोग से देश के प्रतिष्ठित संस्थानों ने हिस्सा लिया है। यहाँ इसरो (ISRO), सीएसआईआर (CSIR), सेल (SAIL), और भारतीय डाक विभाग जैसे प्रमुख विभागों के स्टॉल लगे हैं। नागरिकों ने विशेष रूप से कृषि, उद्योग, स्वरोजगार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और महिला एवं बाल विकास से संबंधित योजनाओं में गहरी रुचि दिखाई।

इन विभागों की रही सहभागिता
प्रदर्शनी में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), छत्तीसगढ़ के कृषि, उद्यानिकी व महिला एवं बाल विकास विभाग, खादी एवं ग्रामोद्योग, सिडबी (SIDBI), पीएनबी, एसबीआई और छत्तीसगढ़ पर्यटन सहित दर्जनों विभागों ने अपनी सेवाओं और तकनीकों का प्रदर्शन किया।
आयोजन टीम का विशेष परिश्रम
प्रदर्शनी को भव्य रूप देने में फ्रेंड्ज़ एक्जिबिशन की टीम से दीपक सिंह मेहता, संतोष पवार, अखिला श्रीनिवासन, दत्ता थोरे, महालक्ष्मी, साक्षी सैनी, साक्षी रावत, कनिष्का शुक्ला, आकांक्षा झा, आकृति तिवारी, संगीता, अनुराग गोस्वामी और एम.डी. मेहराज ने विशेष योगदान दिया।



