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राज्यसभा में पेश होगा CAPF बिल 2026: भर्ती, पदोन्नति और प्रतिनियुक्ति के नियम होंगे एकसमान

आईजी में 50% और एडीजी में 67% पद आईपीएस से भरने का प्रस्ताव

नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah सोमवार को राज्यसभा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 पेश करेंगे। इस प्रस्तावित कानून का उद्देश्य CAPF अधिकारियों की भर्ती, पदोन्नति और प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया को एक समान ढांचे में लाना है।

आईपीएस कोटे पर स्पष्ट प्रावधान
विधेयक के अनुसार, इंस्पेक्टर जनरल (IG) स्तर पर 50 फीसदी पद आईपीएस अधिकारियों से भरे जाएंगे। वहीं अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) स्तर पर कम से कम 67 फीसदी पद आईपीएस के लिए निर्धारित किए गए हैं। विशेष महानिदेशक (SDG) और महानिदेशक (DG) के सभी पद केवल प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरे जाने का प्रावधान रखा गया है।

अलग-अलग कानूनों की जगह एक ढांचा
फिलहाल Central Reserve Police Force, Border Security Force, Indo-Tibetan Border Police और Sashastra Seema Bal जैसे बल अलग-अलग कानूनों के तहत संचालित होते हैं। सरकार का मानना है कि एकरूपता के अभाव में नियम बिखरे हुए हैं, जिससे प्रशासनिक दिक्कतें और सेवा विवाद बढ़ते हैं।

सेवा शर्तों का होगा मानकीकरण
विधेयक के तहत ग्रुप ‘A’ जनरल ड्यूटी अधिकारियों समेत अन्य अधिकारियों की भर्ती, पदोन्नति, प्रतिनियुक्ति और सेवा शर्तों को एकसमान तरीके से विनियमित किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बीच प्रस्ताव
यह बिल ऐसे समय में लाया जा रहा है, जब Supreme Court of India ने 2025 के अपने फैसले में CAPF में आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कम करने और कैडर रिव्यू का निर्देश दिया था। केंद्र की पुनर्विचार याचिका भी कोर्ट खारिज कर चुका है।

अवमानना याचिका भी दायर
इसी बीच सेवानिवृत्त CAPF अधिकारियों के एक समूह ने गृह सचिव गोविंद मोहन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया गया।

सरकार का पक्ष है कि CAPF देश की आंतरिक और सीमा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और आईपीएस अधिकारियों की तैनाती से केंद्र व राज्यों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित होता है।

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