तिरुपति के श्री महंत का शिवरीनारायण आगमन, भगवान नर-नारायण के किए दर्शन-पूजन, लक्ष्मेश्वर महादेव की आराधना भी की

जांजगीर-चांपा। देश के प्रसिद्ध तीर्थ तिरुपति स्थित श्री हाथी राम मठ के महंत स्वामी अर्जुन दास जी महाराज ने शिवरीनारायण मंदिर पहुंचकर भगवान नर-नारायण का दर्शन-पूजन किया। उनके साथ महामंडलेश्वर महंत रामसुंदर दास जी महाराज भी रायपुर से शिवरीनारायण पहुंचे।
धार्मिक महत्व से कराया अवगत
इस दौरान महंत रामसुंदर दास जी ने उन्हें शिवरीनारायण के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व की जानकारी दी। स्वामी अर्जुन दास जी ने कहा कि यहां पहुंचकर उन्हें दिव्य अनुभूति हुई और मंदिर में भगवान की सेवा-व्यवस्था सराहनीय है।

सनातन परंपरा की सराहना
उन्होंने कहा कि यहां के महंत सनातन धर्म के ध्वजवाहक के रूप में कार्य कर रहे हैं, जो गौरव का विषय है। साथ ही उन्होंने महंत रामसुंदर दास जी को तिरुपति पधारने का आमंत्रण भी दिया।
नवधा भक्ति की परंपरा का उल्लेख
स्वामी राजीव लोचन दास जी महाराज ने कहा कि शिवरीनारायण नवधा भक्ति की उत्पत्ति का केंद्र है, जहां भगवान राम ने माता शबरी को नवधा भक्ति का ज्ञान दिया था। इसी कारण क्षेत्र में नवधा रामायण की परंपरा प्रचलित है।

लक्ष्मेश्वर महादेव के भी किए दर्शन
शिवरीनारायण में दर्शन के पश्चात स्वामी अर्जुन दास जी महाराज अपने सहयोगियों के साथ लक्ष्मेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे जगन्नाथ पुरी मंदिर के दर्शन के लिए रवाना हो गए।

भव्य आयोजन में जनप्रतिनिधि व श्रद्धालु उपस्थित
पूजा-अर्चना पुजारी पूर्णेन्द तिवारी एवं हिमांशु तिवारी द्वारा संपन्न कराई गई। इस अवसर पर तिरुपति, रायपुर और स्थानीय क्षेत्र से आए अनेक संत, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।





