
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के तहत आज 7 जिलों की 142 सीटों पर मतदान हो रहा है। चुनाव आयोग ने इस चरण को लेकर अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं, ताकि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया जा सके।
पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान
23 अप्रैल को हुए पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर 93.19 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया था। हालांकि मतदान के बाद कई स्थानों से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
NIA की एंट्री, सुरक्षा और कड़ी
चुनाव से पहले सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को भी तैनात किया गया है। राज्य में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की कुल 2,343 कंपनियां तैनात हैं, जिनमें कोलकाता में 274, पूर्व बर्द्धमान में 263 और हुगली में 236 कंपनियां शामिल हैं।
इसके अलावा चुनाव आयोग ने दक्षिण 24 परगना और बीरभूम के दो अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेटों को चुनावी जिम्मेदारियों से हटा दिया है।

रूट मार्च और सघन जांच अभियान
दूसरे चरण से पहले कोलकाता पुलिस और CRPF ने संयुक्त रूप से बाइक रूट मार्च किया। सुरक्षा बलों ने संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च कर हालात का जायजा लिया। NIA की टीमें भी कोलकाता समेत कई क्षेत्रों में सक्रिय हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
बम बरामदगी के बाद अलर्ट
पहले चरण के बाद भांगर क्षेत्र में एक राजनीतिक कार्यकर्ता के घर से बड़ी संख्या में देसी बम बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी है। मामले में जांच एजेंसियों ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ड्रोन, CCTV और स्पेशल टीम तैनात
मतदान केंद्रों के साथ-साथ रास्तों में भी CCTV कैमरे लगाए गए हैं और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। बम डिस्पोजल स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीमों को भी तैनात किया गया है, जो हर निर्वाचन क्षेत्र में सक्रिय रहेंगे।
भवानीपुर सीट पर खास नजर
इस चरण में कोलकाता की भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के बीच मुकाबला सबसे चर्चित बना हुआ है।

मौसम भी चुनौती
मौसम विभाग ने मतदान के दिन आंधी-तूफान और बारिश की संभावना जताई है, जिससे मतदान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। हालांकि चुनाव आयोग को उम्मीद है कि मतदाता उत्साह के साथ मतदान करेंगे।



