खेत बचाओ अभियान शुरू, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक खेती पर जोर

1 से 30 जून तक चलेगा विशेष अभियान, किसानों को मिट्टी की उर्वरता बचाने और टिकाऊ खेती अपनाने के लिए किया जा रहा जागरूक
जांजगीर-चांपा। जिले में कृषि भूमि की घटती उर्वरता, मिट्टी के कटाव, मृदा कार्बन और पोषक तत्वों की कमी जैसी समस्याओं के समाधान के लिए 1 जून से 30 जून तक “खेत बचाओ अभियान” चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करते हुए प्राकृतिक और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना है।
कलेक्टर के निर्देश पर जिले में ग्राम पंचायत, विकासखंड और जिला स्तर पर कृषक संगोष्ठी, कृषि चौपाल, जनजागरूकता कार्यक्रम और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और संतुलित उर्वरक उपयोग की जानकारी दी जा रही है।
मिट्टी की सेहत सुधारने पर विशेष फोकस
उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जिससे कृषि उत्पादन की स्थिरता पर भी असर पड़ रहा है। अभियान के तहत किसानों को मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, जैव उर्वरक, नैनो उर्वरक और हरी खाद के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
जैविक और प्राकृतिक विकल्पों को बढ़ावा
कृषि विभाग के मैदानी अमले और विशेषज्ञ किसानों को रासायनिक उर्वरकों के विकल्प के रूप में हरी खाद, नील-हरित काई, जैव उर्वरक, नैनो उर्वरक, जैविक खाद तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग के प्रति जागरूक कर रहे हैं। इसका उद्देश्य मिट्टी की उर्वरता बनाए रखते हुए उत्पादन क्षमता को बढ़ाना है।
जनभागीदारी से बनेगा जन आंदोलन
अभियान को व्यापक स्वरूप देने के लिए किसान समूहों, स्व-सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), जनप्रतिनिधियों और नागरिक समाज संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। किसान फील्ड स्कूलों में अनुभवी प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को शामिल कर ‘किसान से किसान सीखने’ की व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।
उत्कृष्ट किसानों का होगा सम्मान
अभियान के दौरान प्राकृतिक और नवाचार आधारित खेती करने वाले उत्कृष्ट किसानों को सम्मानित भी किया जाएगा। साथ ही कृषि एवं संबद्ध विभागों की विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाकर पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने की पहल की जा रही है।
किसानों से अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अभियान में सक्रिय सहभागिता करने, भूमि की उर्वरता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण तथा दीर्घकालिक कृषि समृद्धि के लिए संतुलित एवं प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की है।
“संतुलित उर्वरक उपयोग से स्वस्थ मिट्टी, समृद्ध किसान” अभियान का प्रमुख संदेश है, जिसके माध्यम से उत्पादन बढ़ाने के साथ मिट्टी और पर्यावरण को सुरक्षित रखने पर बल दिया जा रहा है।





