प्रांतीय शास्त्रीय संगीत कार्यशाला 2026 का शुभारंभ, राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी ने किया उद्घाटन

पांच दिवसीय कार्यशाला में गायन, वादन एवं नृत्य का दिया जाएगा प्रशिक्षण, विभिन्न प्रांतों से पहुंचे कलाकार
जांजगीर-चांपा। संस्कार भारती जिला इकाई सक्ती एवं नगर पंचायत शिवरीनारायण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय प्रांतीय शास्त्रीय संगीत कार्यशाला 2026 का शुभारंभ सरस्वती शिशु मंदिर शिवरीनारायण में हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज एवं अन्य अतिथियों ने किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी पवन सुल्तानिया ने की। शुभारंभ अवसर पर अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया गया। आयोजन समिति द्वारा अतिथियों का शाल, श्रीफल एवं पुष्पमाला से स्वागत किया गया।
गायन, वादन और नृत्य की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम में ग्वालियर, खैरागढ़ सहित विभिन्न स्थानों से पहुंचे कलाकारों ने शास्त्रीय गायन, वादन एवं नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। कार्यशाला में प्रशिक्षणार्थियों को संगीत की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
संगीत सीखने का सुनहरा अवसर : राजेश्री महन्त
प्रशिक्षणार्थियों को आशीर्वचन देते हुए राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने कहा कि शिवरीनारायण नगरवासियों के लिए यह गौरव का विषय है कि यहां प्रांत स्तरीय संगीत कार्यशाला का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों से आए प्रख्यात संगीत साधकों के मार्गदर्शन से प्रतिभागियों को संगीत की अनेक विधाओं को सीखने और समझने का बेहतर अवसर मिलेगा।
“संगीत ईश्वर की शक्ति है”
भागवताचार्य योगेश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि शास्त्रों में साहित्य, संगीत और कला को मानव जीवन का महत्वपूर्ण आधार माना गया है। वहीं आचार्य ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि संगीत ईश्वर की शक्ति है और यह आत्मा को शांति प्रदान करता है। कार्यक्रम को समाजसेवी सुबोध शुक्ला सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर ग्वालियर से शास्त्रीय गायन के लिए डॉ. यश देवले, खैरागढ़ से तबला प्रशिक्षक दीपक दास महंत, कथक नृत्यांगना सुश्री सीमा बरेठ, प्राचार्य बसंत देवांगन, मिश्रा जी, जगदीश यादव, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव, हर्ष दुबे सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शरद पांडे एवं मनोज तिवारी ने किया, जबकि संस्था के अध्यक्ष के. आर. कश्यप ने आभार व्यक्त किया।





