ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल आज, हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए करें ये 5 महाउपाय

बजरंगबली की कृपा पाने के लिए शुभ माना जाता है बुढ़वा मंगल, पूजा-पाठ और उपायों से दूर होते हैं संकट
धर्म डेस्क। ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल 12 मई 2026 को मनाया जाएगा। सनातन परंपरा में बड़े मंगल का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से Hanuman Ji की पूजा करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और सुख-शांति एवं सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
बड़े मंगल को “बुढ़वा मंगल” के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान श्रीराम और हनुमान जी का मिलन हुआ था। यही वजह है कि ज्येष्ठ माह के मंगलवार को हनुमान भक्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
बड़े मंगल का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यता है कि ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन हनुमान जी ने महाभारत काल में भीम का अहंकार तोड़ा था। हनुमान जी को बल, बुद्धि, साहस और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। इसलिए मंगलवार का दिन उनकी पूजा और साधना के लिए विशेष रूप से समर्पित माना गया है।
दूसरे बड़े मंगल का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:08 बजे से 4:50 बजे तक
दोपहर पूजा मुहूर्त: सुबह 9:07 बजे से दोपहर 12:23 बजे तक
शाम पूजा मुहूर्त: शाम 7:03 बजे से रात 8:06 बजे तक
बड़ा मंगल पर करें ये 5 महाउपाय
- सिंदूर और चमेली तेल का चोला चढ़ाएं
मंगलवार सुबह स्नान कर लाल वस्त्र धारण करें। इसके बाद हनुमान जी को चमेली के तेल और सिंदूर का चोला अर्पित करें। बूंदी लड्डू, गुड़-चना या फल का भोग लगाकर आरती करें और मनोकामना मांगें।
- हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें
मंगलवार के दिन लाल आसन पर बैठकर कम से कम 7 बार हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ माना गया है। इसके साथ सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ करने से भी विशेष लाभ मिलता है।
- श्रीराम नाम का जाप करें
हनुमान जी भगवान श्रीराम के परम भक्त माने जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि राम नाम के बिना हनुमान पूजा अधूरी मानी जाती है। ऐसे में “श्रीराम जय राम जय जय राम” मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना गया है।
- सिंदूर और केसरिया ध्वज अर्पित करें
हनुमान जी को सिंदूर अत्यंत प्रिय है। बड़े मंगल पर मंदिर में सिंदूर चढ़ाना और चरणों का सिंदूर माथे पर लगाना शुभ माना जाता है। साथ ही केसरिया ध्वज अर्पित करने से भी बजरंगबली शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
- दीपदान करें
उड़द या गेहूं के आटे से बने दीपक में घी या सरसों का तेल डालकर दीप जलाना शुभ माना गया है। लाल कलावे की बाती का उपयोग करने से पूजा का महत्व और बढ़ जाता है। मान्यता है कि इससे मनोकामनाएं पूरी होती हैं।




