छत्तीसगढ़जाँजगीर -चाँपा

सीनियर सिटीजन और पेंशनर्स को सायबर ठगी से बचाने पुलिस की पहल: ऑडिटोरियम में हुआ विशेष ‘सायबर जागृति’ कार्यक्रम

फर्जी अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाले फ्रॉड से रहें सतर्क; संदिग्ध APK फाइल व लिंक से बचने और 1930 पर सूचना देने की अपील

जांजगीर-चांपा। 04 सितंबर 2026। जिले में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम कसने और आम जनता को सतर्क करने के लिए जांजगीर-चांपा पुलिस द्वारा व्यापक ‘सायबर जागृति अभियान’ चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में 3 सितंबर को जिला पंचायत के ऑडिटोरियम हॉल में जिले के पेंशनर्स, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों तथा विभिन्न विभागों के सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की गई।

एएसपी डॉ. यूलैंडन यार्क ने बताए ठगी के नए हथकंडे

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) डॉ. यूलैंडन यार्क के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित वृद्धजनों को सायबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों से अवगत कराया गया। एएसपी ने बताया कि ठग अक्सर खुद को पुलिस, बैंक, कोर्ट या किसी सरकारी विभाग का बड़ा अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर मानसिक दबाव बनाकर पैसे ऐंठते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी कॉल्स से बिल्कुल न डरें और तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

बैंकिंग जानकारी व ओटीपी न करें साझा

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि किसी भी परिस्थिति में अपना पासवर्ड, पिन (PIN), ओटीपी (OTP) या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। कोई भी बैंक या जांच एजेंसी फोन पर ऐसी संवेदनशील जानकारी नहीं मांगती है।

खतरनाक APK फाइल्स और लिंक से बनाएं दूरी

कार्यशाला में विशेष रूप से APK फाइल्स को लेकर अलर्ट किया गया। अधिकारियों ने बताया कि अनजान नंबरों से व्हाट्सएप, एसएमएस या सोशल मीडिया पर भेजी गई किसी भी फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। इसके जरिए मोबाइल हैक कर डेटा व ओटीपी चुराया जा सकता है। पुलिस ने सलाह दी कि यदि कोई सायबर ठगी का शिकार होता है, तो वह बिना समय गंवाए तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए।

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