बंगाल चुनाव का ‘फाइनल राउंड’: आज 142 सीटों पर मतदान, बम-बारूद के डर के बीच NIA ने संभाली कमान
कोलकाता | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के लिए आज 29 अप्रैल (बुधवार) को मतदान होगा। प्रदेश की सत्ता की चाबी किसके पास होगी, इसका फैसला 142 निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता करेंगे। इस चरण को ‘महामुकाबला’ माना जा रहा है क्योंकि इसमें कोलकाता, हावड़ा और दक्षिण बंगाल के वे गढ़ शामिल हैं जहाँ सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
NIA की अभूतपूर्व तैनाती: ‘आतंकी एंगल’ पर नजर
चुनाव के इस नाजुक मोड़ पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मोर्चा संभाल लिया है। हाल के दिनों में बंगाल के विभिन्न हिस्सों से भारी मात्रा में कच्चे बम (Crude Bombs) और अवैध हथियार बरामद होने के बाद गृह मंत्रालय के निर्देश पर NIA की कई टीमें जमीन पर तैनात की गई हैं।
- प्रमुख जिले: कोलकाता, दक्षिण 24 परगना, नादिया, हावड़ा, हुगली और पूर्व बर्धमान में NIA की टीमें सक्रिय हैं।
- 79 कच्चे बमों का मामला: हाल ही में कोलकाता पुलिस द्वारा 79 कच्चे बम बरामद किए गए थे, जिसकी जांच अब NIA ‘आतंकी साजिश’ के नजरिए से कर रही है।
- त्वरित कार्रवाई: मतदान के दौरान हिंसा फैलाने की किसी भी कोशिश या विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल पर काबू पाने के लिए NIA के विशेषज्ञ दस्तों को अलर्ट पर रखा गया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: हर बूथ पर ‘पैनी नजर’
शांतिपूर्ण मतदान के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा का ‘अभेद किला’ तैयार किया है:
- मोटरबाइक पेट्रोलिंग: संकरी गलियों और संवेदनशील इलाकों में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए 160 बाइक पेट्रोलिंग टीमें तैनात की गई हैं, जिसमें CAPF के जवान सवार होंगे।
- पूरी तरह से CCTV की निगरानी: सभी 142 सीटों पर मतदान केंद्रों की लाइव वेबकास्टिंग और CCTV के जरिए निगरानी की जाएगी।
- बॉर्डर सील: पड़ोसी राज्यों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर कड़ी चेकिंग शुरू कर दी गई है ताकि बाहरी तत्वों का प्रवेश रोका जा सके।
दूसरे चरण का पूरा गणित
- कुल सीटें: 142 विधानसभा क्षेत्र।
- प्रमुख उम्मीदवार: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कई मंत्रियों और भाजपा के दिग्गज नेताओं की साख दांव पर है।
- मतदाता: लगभग 3.21 करोड़ लोग वोट डालेंगे।
- नतीजे: वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
सियासी वार-पलटवार
चुनाव प्रचार के अंतिम क्षणों तक भाजपा ने टीएमसी पर ‘वोटर डराने’ के आरोप लगाए, वहीं टीएमसी प्रवक्ता ने केंद्रीय एजेंसियों (NIA) की सक्रियता को केंद्र की ‘राजनीतिक चाल’ करार दिया है। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाताओं को डराने या धमकाने की किसी भी कोशिश पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कल होने वाला यह मतदान तय करेगा कि बंगाल में ‘दीदी’ की सत्ता बरकरार रहेगी या ‘कमल’ खिलेगा।



