यूथ कॉन्क्लेव में गूंजा ‘आरंभ है प्रचंड’: मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को दी अपनी जड़ों से जुड़ने की सीख, पीयूष मिश्रा ने तीजन बाई को किया याद

छत्तीसगढ़ नेक्स्ट यूथ कॉन्क्लेव में प्रतिभाओं का सम्मान, सीएम ने साहित्यिक वार्षिकी-2026 का किया विमोचन

🔴 आज की बात News | रायपुर। राजधानी रायपुर में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ नेक्स्ट यूथ कॉन्क्लेव’ में कला, संस्कृति, नवाचार और युवाओं की ऊर्जा का भव्य संगम देखने को मिला। आज की जनधारा मीडिया समूह के 36वें वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित इस गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रसिद्ध अभिनेता और गीतकार श्री पीयूष मिश्रा की मौजूदगी और उनके प्रसिद्ध गीत ‘आरंभ है प्रचंड’ की प्रस्तुति ने युवाओं में नया जोश भर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश का नाम रोशन करने वाली विभिन्न युवा प्रतिभाओं को मंच से सम्मानित किया और ‘आज की जनधारा साहित्यिक वार्षिकी-2026’ का विमोचन किया।
जड़ों से जुड़े रहकर साहस के साथ बात रखें युवा
मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिकता की होड़ में हमें अपनी जड़ों, माटी और लोकसंस्कृति को नहीं भूलना चाहिए। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को अतुलनीय बताते हुए उन्होंने कहा कि सादरी, नागपुरी सहित राज्य की तमाम स्थानीय बोलियां, लोकगीत और लोकनृत्य हमारी असली पहचान हैं। उन्होंने मधेश्वर पहाड़ जैसी प्राकृतिक और आध्यात्मिक धरोहरों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। युवाओं को अपनी बात सीधी, सच्ची और साहस के साथ समाज के सामने रखनी चाहिए ताकि सकारात्मक बदलाव आ सके।

व्यक्तिगत संघर्ष की सीख और सुपोषित छत्तीसगढ़ का संकल्प
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अपने जीवन के कठिन दौर को याद करते हुए युवाओं को संघर्ष से न घबराने की सीख दी। उन्होंने बताया कि किस तरह कम उम्र में पिता का साया उठने के बाद उन्होंने खेती-किसानी करते हुए परिवार और भाइयों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाई। उन्होंने कहा कि संघर्ष ही व्यक्ति को मजबूत बनाता है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ से प्रेरित होकर सुपोषित प्रदेश के निर्माण के लिए ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान से जन-जन को जुड़ने का आह्वान किया।
पीयूष मिश्रा ने तीजन बाई के योगदान को किया नमन
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित श्री पीयूष मिश्रा ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने पंडवानी की महान साधिका पद्म विभूषण स्वर्गीय तीजन बाई के योगदान को शिद्दत से याद करते हुए कहा कि उन्होंने महाभारत के चरित्रों को जिस जीवंतता से मंच पर उतारा, उसने छत्तीसगढ़ की लोककला को वैश्विक पहचान दिलाई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री कृष्णा दास, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, प्रधान संपादक श्री सुभाष मिश्रा सहित बड़ी संख्या में युवा और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




