महाअष्टमी पर ‘नैला की महारानी’ के दरबार में रिकॉर्ड तोड़ भीड़: मां के दर्शन को उमड़ा आस्था का सैलाब, जयकारों से गूंजा परिसर

150 फीट ऊंचे अक्षरधाम पंडाल में देर रात तक लगी लंबी कतारें, 3D शो और भव्य विद्युत सज्जा देखने पहुंचे हजारों श्रद्धालु

🔴 आज की बात News | जांजगीर-चांपा। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर महाअष्टमी के अवसर पर जांजगीर-नैला में आस्था और भक्ति का अभूतपूर्व सैलाब देखने को मिला। ‘नैला की महारानी’ के दर्शन और विशेष पूजन के लिए सुबह से लेकर देर रात तक लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। चारों ओर गूंजते मां के जयकारों और शंख-घंटियों की ध्वनि से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। महाअष्टमी की विशेष महाआरती में शामिल होने और मां के दर्शन पाने के लिए जांजगीर जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
150 फीट ऊंचे अक्षरधाम पंडाल में देर रात तक कतारें
इस वर्ष अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित प्रसिद्ध स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर की थीम पर तैयार 150 फीट ऊंचे विशाल पंडाल में महाअष्टमी के दिन पैर रखने तक की जगह नहीं बची। मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर गर्भगृह तक श्रद्धालुओं की कई किलोमीटर लंबी कतारें लगी रहीं। लगभग 35 फीट ऊंची मां दुर्गा की मनोहारी प्रतिमा के समक्ष शीश नवाने के लिए लोग घंटों अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। भक्तों का उत्साह ऐसा था कि मध्य रात्रि के बाद भी कतारें लगातार बढ़ती रहीं।

विशेष आकर्षण: 3D शो ने बांधा समां, उमड़ा युवाओं और बच्चों का हुजूम
पंडाल के साथ-साथ इस वर्ष का विशेष 3D शो महाअष्टमी पर आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। धार्मिक प्रसंगों और स्पेशल इफेक्ट्स पर आधारित इस हाई-टेक शो को देखने के लिए पंडाल परिसर में भारी भीड़ उमड़ी। आधुनिक तकनीक और सनातन आस्था के इस अनूठे संगम को देखने के बाद दर्शकों ने इसकी जमकर सराहना की।

पुलिस की कड़ी निगरानी और नागरिकों की सेवा भावना

महाअष्टमी पर जुटी बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया। संवेदनशील प्वाइंट्स, मुख्य द्वारों और चौक-चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। वहीं, यातायात को सुचारू बनाए रखने में स्थानीय नागरिकों और युवाओं ने रात भर सेवादार की भूमिका निभाई। पार्किंग व्यवस्था से लेकर कतारबद्ध दर्शन कराने में सेवादारों ने पुलिस बल का भरपूर सहयोग किया, जिससे इतनी विशाल भीड़ के बावजूद व्यवस्था नियंत्रित रही।





