Chhattisgarhजाँजगीर -चाँपा

फूलों की खेती से खुलेगा समृद्धि का द्वार: कृषि विज्ञान केंद्र में सजा ‘गेंदा तिहार’, आधुनिक तौर-तरीकों से रूबरू हुए किसान

धार्मिक व सामाजिक आयोजनों में गेंदा की भारी मांग; जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने अन्नदाताओं को किया प्रोत्साहित

🔴 जांजगीर-चांपा। किसानों को उद्यानिकी फसलों से जोड़ने, फूलों की खेती को बढ़ावा देने और उनकी आय में बढ़ोतरी के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र में ‘गेंदा तिहार’ का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने फूलों की खेती की असीम संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए किसानों को परंपरागत धान की खेती के साथ-साथ उद्यानिकी व फ्लोरीकल्चर अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में किसानों को विभागीय योजनाओं, उन्नत तकनीकों और उपलब्ध शासकीय सुविधाओं की जानकारी दी गई। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले उन्नतशील कृषकों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कृषि से ही देश की प्रगति, फसल विविधीकरण पर दें ध्यान: इंजी सत्यलता मिरी

समारोह को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष इंजीनियर सत्यलता आनंद मिरी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की तरक्की में कृषि क्षेत्र की सबसे अहम भूमिका होती है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने तथा उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिले की उपजाऊ मिट्टी और अनुकूल वातावरण किसानों के लिए कई नए रास्ते खोलते हैं। उन्होंने अन्नदाताओं से फ्लोरीकल्चर और हॉर्टिकल्चर अपनाने के साथ फसल विविधीकरण पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। जिला पंचायत सदस्य राजकुमार साहू ने भी किसानों को उद्यानिकी के क्षेत्र में मौजूद अवसरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

गेंदा के अलावा अन्य फूलों की खेती भी अपनाएं किसान: कलेक्टर जन्‍मेजय महोबे

कलेक्टर जन्‍मेजय महोबे ने कहा कि प्रदेश कृषि प्रधान है और किसान देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ हैं। किसानों के अथक परिश्रम से ही खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा कि जिले में खरीफ सीजन में किसान बड़े पैमाने पर गेंदा फूल लगा रहे हैं। सामाजिक, मांगलिक और धार्मिक आयोजनों में गेंदा फूल की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे यह आमदनी का एक मजबूत जरिया बन चुका है। कलेक्टर ने किसानों से केवल गेंदा ही नहीं, बल्कि बाजार की मांग के अनुरूप अन्य किस्मों के फूलों की खेती की दिशा में भी आगे बढ़ने की अपील की।

मिट्टी परीक्षण कराकर रबी में भी लें उद्यानिकी फसलें

कलेक्टर ने आगे कहा कि जिले में फूलों की खेती की व्यापक संभावनाएं हैं और इसके लिए योजनाबद्ध ढंग से काम करने की आवश्यकता है। किसान अपने खेतों का मिट्टी परीक्षण कराएं और रिपोर्ट के आधार पर उपयुक्त फसलों का चयन करें। इससे खेती अधिक लाभप्रद बनेगी। उन्होंने रबी सीजन में भी उद्यानिकी और फूलों की फसलें लगाकर अतिरिक्त आय अर्जित करने का सुझाव दिया। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र और उद्यानिकी विभाग के वैज्ञानिकों से निरंतर तकनीकी मार्गदर्शन लेने की बात कही।

इस अवसर पर शाकम्भरी बोर्ड के सदस्य बसंत पटेल, कृषि महाविद्यालय के डीन मनीष कुमार, उप संचालक कृषि राकेश शर्मा, सहायक संचालक उद्यानिकी रंजना मखीजा, केवीके प्रमुख महंत, प्रगतिशील कृषक दुष्यंत सिंह, नारायण गवेल, संजय सिंह, शिवकुमार तिवारी, संदीप तिवारी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, उन्नतशील किसान और कृषि महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button