न्यायालय से दोषमुक्त पटवारी के निलंबन पर भड़का संघ: एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग, बोले- या तो आदेश निरस्त हो या सभी को करें निलंबित

अपर कलेक्टर वीरेंद्र लकड़ा को सौंपा ज्ञापन; कार्यकारी प्रांताध्यक्ष ज्योतिप्रकाश सर्वे पर कार्रवाई को बताया अनुचित
🔴 जांजगीर-चांपा। ग्राम खोखरा में पदस्थ पटवारी एवं राजस्व पटवारी संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष ज्योतिप्रकाश कुमार सर्वे के निलंबन पर पटवारियों में भारी आक्रोश फैल गया है। छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ ने इस प्रशासनिक कार्रवाई पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए जिला कलेक्टर के नाम अपर कलेक्टर वीरेंद्र लकड़ा को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने निलंबन आदेश को तत्काल निरस्त करने और बिना वैधानिक आधार के कार्रवाई करने वाले संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कदम उठाने की मांग की है।
दोषमुक्त होने के बावजूद निलंबन आदेश जारी करने पर खड़े किए सवाल
अपर कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में संघ ने स्पष्ट किया कि ज्योतिप्रकाश कुमार सर्वे के खिलाफ दर्ज जुआ अधिनियम से संबंधित प्रकरण में जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा 3 फरवरी 2026 को ही उन्हें ससम्मान दोषमुक्त किया जा चुका है। इसके बावजूद जांजगीर के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने 1 नवंबर 2026 को उसी पुराने मामले को आधार बनाकर निलंबन का आदेश जारी कर दिया। संघ ने इसे पूरी तरह गैर-कानूनी, द्वेषपूर्ण और प्रशासनिक अधिकारों का दुरुपयोग करार दिया है।
कर्मचारियों के सम्मान पर चोट, उठाई सामूहिक निलंबन की मांग
संघ ने सवाल दागा कि जब सक्षम न्यायिक अदालत ने कर्मचारी को बरी कर दिया है, तो फिर किस आधार पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई? इसे कर्मचारियों के मान-सम्मान और संगठनात्मक स्वतंत्रता को कुचलने का प्रयास बताते हुए संघ ने तीखी आपत्ति दर्ज कराई। विरोध जताते हुए संघ ने प्रशासन के समक्ष यह मांग भी रख दी कि यदि दोषमुक्त होने पर भी निलंबन होना है, तो जिलेभर के समस्त हड़तालरत पटवारियों पर भी सामूहिक निलंबन की कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अपर कलेक्टर वीरेंद्र लकड़ा ने पूरे मामले का परीक्षण कर समुचित वैधानिक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
इनकी रही मौजूदगी
ज्ञापन सौंपते समय राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र यादव, कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के फिरत किरण, डॉ. रविन्द्र द्विवेदी, भुवनेश्वर देवांगन, लक्ष्मीनारायण तिवारी, राजस्व पटवारी संघ के गोपाल राठौर, लक्ष्मी तिवारी, संजय शांडिल्य, शिव शर्मा, संदीप राठौर, टिकेंद्र दीवान, प्रमोद कश्यप, रंजीत जांगड़े, अंबुज शर्मा, प्रदीप देवांगन, गजानंद साहू, रोशन बिंझवार, मोहन कौशिक, हेमचंद तिवारी, चंद्रशेखर कश्यप, नरेंद्र टंडन, हरीश कश्यप, खुशबू तिवारी, सुष्मिता दीवान, श्वेता राठौर, अंबालिका बरगाह और सावित्री दर्वे सहित बड़ी संख्या में पटवारी मौजूद रहे।





