स्व-सहायता समूहों को उद्यमी बनाने की पहल: बैंक ऋण और आजीविका से जुड़ेंगी महिलाएं; सीईओ बोले- समन्वय से काम करें बैंकर्स और बिहान टीम

जिला स्तरीय कार्यशाला में लंबित ऋण प्रकरणों के त्वरित निपटारे पर जोर; एंटरप्राइज फाइनेंस और योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
🔴 जांजगीर-चांपा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत स्व-सहायता समूहों को बैंक क्रेडिट लिंकेज और एंटरप्राइज फाइनेंस से जोड़ने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय बैंकर्स प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में जिले के विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों, शाखा प्रबंधकों और बिहान मिशन से जुड़े मैदानी अमले ने सहभागिता की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्व-सहायता समूहों की बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच आसान बनाना, ऋण वितरण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना तथा ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार व उद्यमिता के जरिए आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना रहा।
समूहों को सफल उद्यमी बनाकर स्थायी आजीविका देना मुख्य लक्ष्य: विनय कुमार पोयाम
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार पोयाम ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण का सबसे मजबूत माध्यम हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि समूहों को समय पर बैंक ऋण उपलब्ध कराना, उन्हें स्वरोजगार व उद्यम स्थापना के लिए प्रोत्साहित करना और व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सहयोग देना अनिवार्य है। प्रशासन का मकसद केवल ऋण बांटना नहीं, बल्कि महिलाओं को सफल उद्यमी बनाकर स्थायी आजीविका के अवसर मुहैया कराना है। उन्होंने बैंकर्स और बिहान की टीम को बेहतर समन्वय से काम करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र समूहों को शासकीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिल सके।
लंबित ऋण प्रकरणों का होगा समयबद्ध निराकरण, एंटरप्राइज फाइनेंस पर जोर
कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर के रूप में एनआरपी दिलीप कुमार मित्रा और एएसपीएम संतोष शर्मा ने उपस्थित अधिकारियों व बैंक प्रबंधकों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बैंक क्रेडिट लिंकेज की प्रक्रिया, ऋण पात्रता, आवेदनों के त्वरित निराकरण और एंटरप्राइज फाइनेंस के साथ-साथ आजीविका गतिविधियों के विस्तार पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में महिला उद्यमी राशि और व्यक्तिगत उद्यमी ऋण आवेदनों पर विशेष चर्चा की गई। साथ ही बैंकों में लंबित पड़े स्व-सहायता समूहों के ऋण प्रकरणों को समयसीमा के भीतर निराकृत कर पात्र समूहों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
इनकी रही मौजूदगी
इस जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम), डायरेक्टर आरसेटी, विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक, बिहान की ब्लॉक टीम, एफएलसीआरपी, बैंक मित्र और पीआरपी मौजूद रहे।




