माउंट एवरेस्ट पर BSF की महिला टीम ने फहराया तिरंगा, ‘वंदे मातरम’ गाकर रचा इतिहास

BSF की पहली महिला पर्वतारोहण टीम ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी फतह कर देश का गौरव बढ़ाया, गृह मंत्री अमित शाह ने दी बधाई।
नई दिल्ली। सीमा सुरक्षा बल (BSF) की पहली महिला पर्वतारोहण टीम ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि के बाद पूरे देश में टीम की बहादुरी और साहस की चर्चा हो रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने महिला टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता साहस, देशभक्ति और समर्पण का अद्भुत उदाहरण है।
अमित शाह बोले- नारी शक्ति ने रचा स्वर्णिम इतिहास
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बीएसएफ की महिला पर्वतारोहण टीम ने माउंट एवरेस्ट फतह कर स्वर्णिम इतिहास रचा है। उन्होंने कहा कि बीएसएफ अपनी स्थापना का 88वां वर्ष मना रहा है और ऐसे खास अवसर पर विश्व की सर्वोच्च चोटी पर विजय हासिल करना पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बीच टीम ने ‘वंदे मातरम’ गाकर देशभक्ति और साहस का दुर्लभ उदाहरण पेश किया है।
गुरुवार सुबह एवरेस्ट पर पहुंची टीम
बीएसएफ के अनुसार महिला टीम ने गुरुवार सुबह करीब 8 बजे एवरेस्ट की चोटी पर कदम रखा। इस अभियान में लद्दाख की कांस्टेबल कौसर फातिमा, पश्चिम बंगाल की मुनमुन घोष, उत्तराखंड की रबेका सिंह और कारगिल की कांस्टेबल छेरिंग चोरोल शामिल थीं। महिला पर्वतारोहियों ने ‘मिशन वंदे मातरम’ के तहत यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
ऑक्सीजन की कमी के बीच गूंजा ‘वंदे मातरम’
बीएसएफ ने बताया कि एवरेस्ट की ऊंचाई पर ऑक्सीजन बेहद कम होती है और सामान्य रूप से खड़ा रहना भी चुनौतीपूर्ण होता है। इसके बावजूद महिला जवानों ने एक सुर में ‘वंदे मातरम’ गाकर देशभक्ति का संदेश दिया। यह क्षण महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बन गया।
ITBP की महिला टीम ने भी फतह किया एवरेस्ट
इसी क्रम में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की पहली महिला अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण टीम ने भी माउंट एवरेस्ट फतह कर नया इतिहास बनाया है। 14 सदस्यीय इस दल में 11 महिला पर्वतारोही और 3 तकनीकी सहायक शामिल थे। टीम ने 21 मई की रात 12:52 बजे नेपाल के साउथ कोल रूट से एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचकर अभियान सफल किया। आईटीबीपी ने इसे अपने इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।




