ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल बनारी में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया, फलदार एवं छायादार पौधों का हुआ रोपण

विद्यालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण का लिया गया संकल्प, छात्रों में हरित चेतना विकसित करने पर दिया गया जोर
🔴 Aaj Ki Baat News | जांजगीर चाम्पा।
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, बनारी (जांजगीर) के खेल उद्यान में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत फलदार एवं छायादार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया गया। विद्यालय के प्रबंधक आलोक अग्रवाल, डॉ. गिरिराज गढ़ेवाल, प्राचार्या श्रीमती सोनाली सिंह एवं उप-प्राचार्या भिष्मिता साहू के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय परिवार ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
विभिन्न प्रजातियों के पौधों का किया गया रोपण
पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में कटहल, अमरूद, बादाम, नींबू, नीम एवं गुलमोहर सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इस अवसर पर वृक्षों, जल और स्वच्छ वायु के महत्व पर चर्चा करते हुए सभी को अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने के लिए प्रेरित किया गया।
हरित क्रांति का लिया संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित कर्मचारियों योगेश उपाध्याय, प्राची पाठक, सनत सूर्यवंशी, प्रकाश पांडेय तथा ग्रुप-डी स्टाफ के सदस्यों ने आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
इको क्लब के माध्यम से बच्चों को किया जाता है जागरूक
ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल के वार्षिक परियोजना कार्यक्रम के अंतर्गत इको क्लब का गठन किया गया है, जिसमें शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। क्लब के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। विद्यालय में प्रत्येक छात्र अपने जन्मदिवस के अवसर पर पौधरोपण करता है तथा उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाता है। इससे विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों को पेड़-पौधों के महत्व की जानकारी मिलती है और उनमें प्रकृति के प्रति प्रेम एवं संरक्षण की भावना का विकास होता है। पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास ही आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण प्रदान कर सकते हैं।




