कस्टडी में मौत पर भड़का आक्रोश, परिजनों ने शव लेने से किया इनकार; ₹50 लाख और नौकरी की मांग पर बच्चों संग धरने पर बैठी पत्नी

चांपा थाने के बाहर देर शाम तक बना रहा गतिरोध, न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दिया जांच का आश्वासन; समर्थन में पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता
🔴 जांजगीर चांपा। चांपा थाना पुलिस की अभिरक्षा में मेंहदीपारा निवासी शिव साहिस की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। आक्रोशित परिजनों ने मृतक का शव लेने से साफ इनकार कर दिया है। मृतक की पत्नी अपने बच्चों के भविष्य, उचित मुआवजे और न्याय की मांग को लेकर मासूम बच्चों के साथ चांपा थाने के बाहर धरने पर बैठ गई है। थाने के सामने परिजनों के धरने पर बैठते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
महुआ शराब मामले में गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी थी तबीयत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महुआ शराब के मामले में पुलिस ने शिव साहिस को गिरफ्तार कर अभिरक्षा में लिया था। गिरफ्तारी के बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने पर पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत के बाद से ही परिजनों में भारी आक्रोश व्याप्त है और वे पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
50 लाख रुपये मुआवजा, नौकरी और बच्चों के भरण-पोषण की मांग
मृतक की पत्नी ने बच्चों के भविष्य का हवाला देते हुए प्रशासन से 50 लाख रुपये का मुआवजा, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और भरण-पोषण का पूरा खर्च तथा परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग रखी है। परिजनों का कहना है कि शिव की मौत के बाद पूरे परिवार के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और मासूम बच्चों की परवरिश अब सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।
सामाजिक कार्यकर्ता भी समर्थन में उतरे, देर शाम तक नहीं निकला हल
धरना स्थल पर मृतक के अन्य परिजनों के साथ जिलेभर से पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता भी डटे हुए हैं और प्रशासन से पीड़ित परिवार की मांगों पर तत्काल उचित निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं। मामले को सुलझाने के लिए सुबह से देर शाम तक पुलिस और प्रशासन की टीम बातचीत का प्रयास करती रही, लेकिन गतिरोध खत्म नहीं हुआ। मौके पर पुलिस बल के साथ न्यायिक मजिस्ट्रेट और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट भी पहुंचे, जहां न्यायिक मजिस्ट्रेट ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। फिलहाल परिजन अपनी मांगों पर अड़े हैं और सभी की निगाहें प्रशासन के फैसले पर टिकी हैं।





