बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल स्मृति समारोह: कृषि विज्ञान केंद्र में कृषक संगोष्ठी आयोजित, आधुनिक तकनीकों और फसल विविधीकरण पर मंथन

धान के साथ दलहन-तिलहन और फसल चक्र अपनाएं किसान – विधायक ब्यास कश्यप
🔴 आज की बात News | जांजगीर-चांपा। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल स्मृति समारोह के दूसरे दिवस कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) जर्वे (च) में एक दिवसीय वृहद कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप शामिल हुए। कार्यक्रम में जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों किसानों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों, नवीन तकनीकों, फसल विविधीकरण तथा शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी देकर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
उन्नत खेती और नई तकनीकों की दी जानकारी
संगोष्ठी में उपस्थित कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को दलहन-तिलहन फसलों के रकबे को बढ़ाने, फसल चक्र अपनाने तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के वैज्ञानिक उपायों से अवगत कराया। इसके अलावा फसलों को कीट व व्याधियों से बचाने, उत्पादन लागत घटाने, जैविक व प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ मछली पालन, सब्जी उत्पादन और कुक्कुट पालन जैसी सहायक कृषि गतिविधियों की बारीकियां समझाई गईं। संगोष्ठी के उपरांत किसानों को प्रक्षेत्र भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने खेतों में अपनाई जा रही उन्नत पद्धतियों और आधुनिक यंत्रों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
जिले में कृषि की अपार संभावनाएं: विधायक व्यास कश्यप
कृषि यंत्र प्रदर्शनी और विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन करने के पश्चात विधायक ब्यास कश्यप ने किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जांजगीर-चांपा जिला कृषि की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। यहां समतल उपजाऊ भूमि, नहरों का जाल और पर्याप्त जल संसाधन मौजूद हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि केवल धान की एकल खेती पर निर्भर न रहकर गेहूं, चना और तिलहन जैसी फसलों को अपनाएं। साथ ही खेतों की मेड़ों एवं उपलब्ध अतिरिक्त भूमि का सदुपयोग कर आय में वृद्धि करें।
जनप्रतिनिधि व प्रगतिशील कृषक रहे मौजूद
इस अवसर पर जनपद सदस्य टंकेश्वर यादव, प्रगतिशील कृषक दुष्यंत सिंह, जर्वे सरपंच कोमल कश्यप, शाकम्भरी बोर्ड सदस्य बसंत पटेल, सनत कुमार पटेल, शिवकुमार तिवारी, संदीप तिवारी सहित कृषि व संबंधित विभागों के अधिकारी, वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे।




