हसदेव नदी में रेत माफिया का साम्राज्य! प्रशासन मौन, रोज निकल रही सैकड़ों ट्रिप

जांजगीर-चांपा। जिले के नवापारा क्षेत्र में हसदेव नदी किनारे रेत उत्खनन की गतिविधियों को लेकर स्थिति गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर मिल रही जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रेत निकासी और भंडारण किया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, हसदेव नदी से प्रतिदिन 200 से 300 ट्रिप रेत निकासी की जा रही है। हाईवा और ट्रैक्टरों के माध्यम से रेत का परिवहन कर नदी किनारे बड़े पैमाने पर भंडारण किए जाने की बात सामने आ रही है, जो संगठित गतिविधि की ओर संकेत करता है।

निगरानी व्यवस्था पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्तर पर हो रही गतिविधियों की जानकारी संबंधित विभागों को होना स्वाभाविक है। ऐसे में कार्रवाई के अभाव को लेकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अवैध खनन पर रोक के लिए गठित टास्क फोर्स की भूमिका को लेकर भी प्रश्न उठ रहे हैं। लोगों का मानना है कि प्रभावी निगरानी और त्वरित कार्रवाई से इस प्रकार की गतिविधियों पर नियंत्रण संभव है।
राजस्व नुकसान
बताया जा रहा है कि इस तरह की गतिविधियों से शासन को राजस्व नुकसान की आशंका है। वहीं, नदी की संरचना और जल स्तर पर भी असर पड़ने की बात सामने आ रही है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो सकता है।
जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते ठोस कदम उठाए जाना आवश्यक है, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।




