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सक्ती न्यायालय का बड़ा फैसला, तांदुलडीह हत्याकांड में 4 दोषियों को आजीवन कारावास

दोहरे हत्याकांड मामले में मृतकों की मां, दो बहनों और भाई को दोषी ठहराते हुए न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई

सक्ती। बहुचर्चित तांदुलडीह दोहरे हत्याकांड मामले में सक्ती न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत कुमार शिवहरे ने मामले में मृतकों की मां, दो बहनों और भाई को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

मामला थाना बाराद्वार क्षेत्र के ग्राम तांदुलडीह का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक घर में पूजा-पाठ के दौरान परिवार के दो सदस्य मूर्छित हो गए हैं। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के अंदर पूजा-पाठ चल रहा था, जबकि विक्रम गोड़ और विक्की गोड़ मृत अवस्था में मिले थे।

मर्ग जांच और विवेचना के दौरान पुलिस ने मामले की गहन जांच की। जांच के आधार पर फिरीतबाई, अमरिका सिदार, चंद्रिका सिदार और विशाल सिदार के खिलाफ अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। विवेचना पूरी होने के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया।

चारों आरोपी दोषी करार
विचारण के दौरान प्रस्तुत परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने मृतकों की मां फिरीतबाई, बहनें चंद्रिका सिदार एवं अमरिका सिदार तथा भाई विशाल सिदार को दोषी पाया। न्यायालय ने चारों आरोपियों को हत्या के अपराध में सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई।


अर्थदंड भी लगाया गया
न्यायालय ने प्रत्येक आरोपी पर 1-1 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में 6-6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

मामले में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक उदय वर्मा ने पैरवी की।

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