
डिजिटल डेस्क । आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए आज का दिन किसी बड़े सियासी भूकंप से कम नहीं है। पार्टी के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने ‘आप’ से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने का एलान कर दिया है। उनके साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल जैसे बड़े चेहरों ने भी पाला बदलने का फैसला किया है।
दो-तिहाई सांसदों के साथ भाजपा में विलय
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राघव चड्ढा ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य संविधान के प्रावधानों का उपयोग करते हुए भाजपा में विलय करेंगे। इस फेरबदल में स्वाति मालीवाल और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह के भी भाजपा में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
“गलत पार्टी में सही आदमी था” – राघव चड्ढा
पार्टी छोड़ने की वजह बताते हुए राघव चड्ढा ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा: मैंने अपनी जवानी के 15 साल इस पार्टी को सींचे हैं, लेकिन अब यह अपने सिद्धांतों और मूल्यों से भटक गई है। पार्टी अब राष्ट्रहित के बजाय व्यक्तिगत लाभ के लिए काम कर रही है। मुझे महसूस हुआ कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं।”
संदीप पाठक ने भी बयां किया दर्द
पार्टी के रणनीतिकार माने जाने वाले संदीप पाठक ने कहा कि वे देश सेवा के मकसद से राजनीति में आए थे, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों ने उन्हें यह कठोर कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
केजरीवाल से दूरियां और विवाद
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अरविंद केजरीवाल और राघव चड्ढा के बीच दूरियां तब से बढ़ने लगी थीं जब केजरीवाल की जेल यात्रा के दौरान राघव लंदन में थे। लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें पंजाब की राजनीति से दूर रखा गया था, जिससे उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच कड़वाहट बढ़ गई थी।
विपक्ष और पार्टी की प्रतिक्रिया
जहाँ विपक्ष इसे आम आदमी पार्टी के अंत की शुरुआत बता रहा है, वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने इसे एक सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया दिखाने की कोशिश की है। हालांकि, दो-तिहाई सांसदों का एक साथ जाना पार्टी के अस्तित्व पर बड़ा संकट खड़ा कर सकता है।




