हसदो नदी की सफाई को लेकर भाजपा नेता अखिलेश कोमल ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

औद्योगिक प्रदूषण व अतिक्रमण से बिगड़ती हालत पर जताई चिंता, पुनर्जीवन के लिए ठोस कदम उठाने की मांग
जांजगीर-चांपा। जिले की जीवन रेखा मानी जाने वाली हसदो नदी की बिगड़ती स्थिति को लेकर अब जनप्रतिनिधियों की सक्रियता बढ़ने लगी है। औद्योगिक प्रदूषण, अवैध उत्खनन और अतिक्रमण के कारण नदी के अस्तित्व पर संकट गहराता जा रहा है।
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
भाजपा नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि अखिलेश कोमल पाण्डेय ने 28 अप्रैल 2026 को कलेक्टर जन्मेजय महोबे से मुलाकात कर हसदो नदी के संरक्षण और सफाई के लिए ज्ञापन सौंपा। उन्होंने नदी के पुनर्जीवन के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
पूर्व प्रयासों का भी उल्लेख
ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2013-14 में “हसदो सेवा प्रकल्प” के माध्यम से जनजागरण अभियान, रैलियां और गोष्ठियों का आयोजन कर इस मुद्दे को उठाया गया था। उस समय “नमामि देवी हसदो” परियोजना के तहत तपसीधाम एनीकट से कुदरी बैराज तक सफाई और विकास कार्यों का प्रस्ताव भी रखा गया था।
जमीन पर नहीं उतरे प्रस्ताव
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि सीएसआर फंड और शासकीय योजनाओं के माध्यम से प्रस्तावित कार्य अब तक धरातल पर नहीं उतर पाए हैं, जिससे नदी की स्थिति और खराब होती जा रही है।
पुनर्जीवन की मांग
अखिलेश कोमल पाण्डेय ने सीएसआर फंड, सरकारी योजनाओं और जनसहयोग के जरिए हसदो नदी के पुनर्जीवन की दिशा में ठोस कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रशासन ने दिया आश्वासन
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इस दौरान भाजयुमो नगर मंडल चांपा के महामंत्री आदर्श पाण्डेय एवं हसदो सेवा प्रकल्प के सदस्य भी उपस्थित रहे।




