जाँजगीर -चाँपा

ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल बनारी में विद्यारंभ संस्कार के साथ नए सत्र का आगाज़: नन्हें बच्चों ने अक्षत पर लिखे जीवन के पहले अक्षर

जांजगीर-चांपा। शिक्षा नगरी जांजगीर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, बनारी में 1 अप्रैल 2026 को नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 का शुभारंभ भारतीय परंपरा और आधुनिकता के अद्भुत संगम के साथ हुआ। संस्था संचालक  आलोक अग्रवाल, डॉ. गिरिराज गढ़ेवाल एवं प्राचार्या श्रीमती सोनाली सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस भव्य ‘विद्यारंभ संस्कार’ ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।

परंपरागत रीति-रिवाजों से हुआ अक्षर लेखन
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। प्री-प्राइमरी के नन्हें विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से ‘अक्षर लेखन’ संस्कार का आयोजन किया गया। पंडित  राकेश तिवारी के मंत्रोच्चार के बीच बच्चों ने अक्षत (चावल) पर अपना पहला अक्षर उकेरा। इस पावन क्षण के साथ ही बच्चों ने शिक्षा के मार्ग पर अपना पहला कदम रखा।

आधुनिकता और संस्कार का संगम
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती सोनाली सिंह ने बच्चों को डिजिटल राइटिंग पैड प्रदान कर यह संदेश दिया कि विद्यालय में संस्कारों के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा पद्धति को भी समान महत्व दिया जाता है। नर्सरी की शिक्षिका सुश्री सुमन दुबे एवं श्रीमती सरिता प्रधान ने बच्चों को ‘अ’ अक्षर लिखवाकर उनकी औपचारिक शिक्षा की शुरुआत कराई।

सर्वांगीण विकास ही लक्ष्य
इस अवसर पर प्राचार्या सोनाली सिंह ने कहा, “विद्यारंभ संस्कार भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है, जो बच्चों में शिक्षा के प्रति सम्मान पैदा करता है। हमारा उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना और उन्हें अपनी परंपराओं से जोड़ना है।”

अभिभावकों में दिखा उत्साह
अपने बच्चों के इस महत्वपूर्ण जीवन क्षण को देखकर अभिभावक भी भावुक और गौरवान्वित नजर आए। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन द्वारा आयोजित इस अनूठे संस्कार की प्रशंसा की और आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को मिठाई बांटी गई और उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की गई।

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