जाँजगीर -चाँपा

चार दिनों से अंधेरे में डूबा डोंगाकोहरौद, बिजली संकट पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

भीषण गर्मी में 150 घरों की बिजली गुल, महिलाएं-बच्चे सड़क पर उतरे, चक्काजाम कर किया प्रदर्शन

जांजगीर-चांपा। जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत डोंगाकोहरौद में बिजली संकट अब ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। गांव के करीब 150 घर पिछले चार दिनों से अंधेरे में डूबे हुए हैं। भीषण गर्मी, बंद पंखे और पानी की समस्या से परेशान ग्रामीण आखिरकार सड़क पर उतर आए।मंगलवार को गांव के लोगों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर बिजली विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कुछ देर के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।

महिलाओं और बच्चों ने भी संभाला मोर्चा

प्रदर्शन में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। ग्रामीणों का कहना था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद बिजली विभाग केवल आश्वासन देता रहा, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। लोगों ने आरोप लगाया कि चार दिनों से बिजली बंद होने के कारण गांव का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

पानी संकट और पढ़ाई पर असर

ग्रामीणों के अनुसार बिजली नहीं रहने से पानी की व्यवस्था ठप हो गई है। मोबाइल बंद हो चुके हैं और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। रातभर उमस और गर्मी के कारण लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

प्रदर्शन के बाद पहुंचे अधिकारी

चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद बिजली विभाग के अधिकारी भी गांव पहुंचे। अधिकारियों ने तकनीकी खराबी का हवाला देते हुए जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने का भरोसा दिया। हालांकि ग्रामीणों ने साफ कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, स्थायी समाधान चाहिए।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा। डोंगाकोहरौद का यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था की जमीनी स्थिति और विभागीय लापरवाही को उजागर कर रहा है।

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