जाँजगीर -चाँपा

सड़क निर्माण की मांग पर ग्रामीणों का आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी, विधायक शेषराज हरबंश ने दिया समर्थन

डोंगाकोहरौद में किसान और युवा पक्की सड़क की मांग को लेकर आंदोलनरत, विधायक ने कहा- सड़क निर्माण शुरू होने तक संघर्ष जारी रहेगा।

🔴 Aaj Ki Baat News | जांजगीर-चांपा

पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम डोंगाकोहरौद में पक्की सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों द्वारा शुरू किया गया आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन में किसान, युवा और ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

आषाढ़ माह में जहां किसान खेतों में खेती-किसानी के कार्यों में जुटे रहते हैं, वहीं डोंगाकोहरौद के ग्रामीण अपनी मूलभूत सुविधा के लिए अनशन पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क निर्माण कार्य शुरू होने की आवश्यकता है।

दूसरे दिन भी अनशन स्थल पहुंचीं विधायक

आंदोलन को क्षेत्रीय विधायक का लगातार समर्थन मिल रहा है। विधायक दूसरे दिन भी अनशन स्थल पहुंचीं और आंदोलनकारियों के बीच बैठकर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी जायज मांग पूरी होने तक वे उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेंगी।

जनता के अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई : विधायक

अनशनकारियों को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि आषाढ़ के महत्वपूर्ण कृषि सीजन में किसानों का खेत छोड़कर आमरण अनशन पर बैठना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए लोगों को आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। विधायक ने कहा कि यह केवल सड़क का मुद्दा नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता के अधिकार और स्वाभिमान से जुड़ा विषय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सड़क निर्माण शुरू होने तक वे ग्रामीणों की आवाज उठाती रहेंगी।

सड़क निर्माण तक जारी रहेगा आंदोलन

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जाता, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा। युवाओं ने भी आंदोलन की कमान संभालते हुए मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है।

प्रमुख मांगें

  • ग्राम डोंगाकोहरौद के लिए पक्की सड़क का निर्माण तत्काल शुरू किया जाए।
  • सड़क निर्माण की लंबित प्रक्रिया पूरी कर समय-सीमा घोषित की जाए।
  • बरसात के दौरान आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
  • किसानों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों के लिए सुरक्षित एवं सुगम सड़क सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
  • प्रशासन की ओर से ठोस और लिखित आश्वासन दिया जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क उनके लिए कोई नई मांग नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी आवश्यकता है। उनका स्पष्ट कहना है कि सड़क निर्माण शुरू होने तक आंदोलन और आमरण अनशन जारी रहेगा।

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