केदारनाथ यात्रा 2026: बाबा के दर पर रील और फोटो पर पूर्ण प्रतिबंध, कल सुबह 8 बजे खुलेंगे कपाट

मंदिर परिसर में मोबाइल ले जाना वर्जित; नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सीधी जेल और भारी जुर्माना
रुद्रप्रयाग/केदारनाथ: विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से ठीक पहले बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। अब बाबा केदार के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु मंदिर परिसर के भीतर न तो मोबाइल फोन ले जा सकेंगे और न ही फोटो या वीडियो (रील्स) बना पाएंगे। मंदिर की मर्यादा और आध्यात्मिक शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने यह ‘डिजिटल डिटॉक्स’ नियम लागू किया है।
क्यों लिया गया यह सख्त फैसला?
मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती ने बताया कि पिछले कुछ समय से मंदिर परिसर से ऐसी रील और वीडियो सामने आए थे, जिनसे धाम की गरिमा को ठेस पहुँची थी। साथ ही, फोटो खिंचवाने की होड़ के कारण आम श्रद्धालुओं को दर्शन में भारी असुविधा होती थी। इसी को देखते हुए अब सिंह द्वार से प्रवेश करते ही मोबाइल का उपयोग पूरी तरह वर्जित कर दिया गया है।
श्रद्धालुओं के लिए नई गाइडलाइन: क्या हैं नियम?
- क्लोक रूम की सुविधा: श्रद्धालुओं को अपने मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मंदिर के बाहर बने जमा काउंटर (क्लोक रूम) में अनिवार्य रूप से जमा करने होंगे।
- कानूनी कार्रवाई: यदि कोई श्रद्धालु चोरी-छिपे फोटो या वीडियो बनाता पकड़ा गया, तो उस पर न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
- मर्यादा का पालन: समिति ने भक्तों से अपील की है कि वे मंदिर में केवल भक्ति और साधना के उद्देश्य से आएं।
कल सुबह 8 बजे खुलेंगे बाबा के कपाट

लाखों भक्तों का इंतजार कल यानी 22 अप्रैल 2026 को खत्म होने जा रहा है। सुबह ठीक 8:00 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ केदारनाथ मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे।
चार धाम यात्रा 2026 का शेड्यूल:
- यमुनोत्री और गंगोत्री: 19 अप्रैल को कपाट खुल चुके हैं।
- केदारनाथ: 22 अप्रैल, सुबह 8:00 बजे।
- बद्रीनाथ: 23 अप्रैल को खुलेंगे कपाट।
बिना रजिस्ट्रेशन नहीं होंगे दर्शन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केदारनाथ यात्रा के लिए ‘Char Dham Yatra’ पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है। बिना QR कोड वाले पास के यात्रियों को सोनप्रयाग से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार ‘स्लॉट-आधारित’ टोकन सिस्टम लागू किया गया है। वहीं, हेलीकॉप्टर की बुकिंग केवल IRCTC के आधिकारिक पोर्टल से ही मान्य होगी।





