खाद वितरण में अव्यवस्था और कालाबाजारी के आरोप, विधायक ब्यास कश्यप ने जांच की उठाई मांग

खरीफ सीजन से पहले किसानों की परेशानी पर जताई चिंता, कृषि उत्पादन आयुक्त को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
🔴 Aaj Ki Baat News | जांजगीर-चांपा
खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले जिले में खाद वितरण व्यवस्था को लेकर सामने आ रही शिकायतों पर जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप ने चिंता जताते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी को पत्र भेजा है। विधायक ने सहकारी समितियों में खाद वितरण की अव्यवस्था, पक्षपात और संभावित कालाबाजारी की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। विधायक ब्यास कश्यप ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि जिले के हजारों किसान खेती की तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन उन्हें यूरिया और डीएपी खाद की उपलब्धता को लेकर गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। किसानों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि सहकारी समितियों में खाद वितरण व्यवस्थित ढंग से नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि छोटे एवं सीमांत किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है, जबकि कुछ प्रभावशाली और चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता के आधार पर खाद उपलब्ध कराई जा रही है।
जांजगीर समिति की स्थिति पर उठाए सवाल
विधायक ने विशेष रूप से जांजगीर सेवा सहकारी समिति का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का नोडल कार्यालय संचालित होता है, वहां भी किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि निगरानी तंत्र मौजूद होने के बावजूद ऐसी स्थिति क्यों निर्मित हो रही है।
कालाबाजारी की आशंका जताई
पत्र में विधायक ने कहा है कि कई समितियों में किसानों को खाद उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर वापस भेजा जा रहा है, जबकि खुले बाजार में यूरिया निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिकने की शिकायतें मिल रही हैं। इससे खाद की कालाबाजारी और वितरण में अनियमितताओं की आशंका और गहरा रही है।
उच्च स्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
विधायक ब्यास कश्यप ने कृषि उत्पादन आयुक्त से जिले की सभी सहकारी समितियों में खाद वितरण व्यवस्था की उच्च स्तरीय जांच कराने, वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने तथा कालाबाजारी और अनियमितताओं में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने छोटे एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया है।
किसानों का भरोसा बनाए रखना जरूरी
विधायक ने कहा कि किसानों का विश्वास व्यवस्था पर टिका हुआ है और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उस विश्वास को बनाए रखे। उन्होंने किसानों के हित में तत्काल प्रभावी कदम उठाने और खाद वितरण व्यवस्था को दुरुस्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया।





