Chhattisgarh

नए आपराधिक कानून न्याय व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव: मुख्यमंत्री साय

डिजिटल तकनीक से आम नागरिक को मिलेगा त्वरित और पारदर्शी न्याय, ‘स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस’ कार्यशाला में बोले मुख्यमंत्री

🔴 Aaj Ki Baat News | रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान चुनौतियों और आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए गए नए आपराधिक कानून भारत की न्याय व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन लेकर आए हैं। इनका उद्देश्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं, बल्कि आम नागरिक को त्वरित, पारदर्शी, सुलभ और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री रविवार को रायपुर में आयोजित ‘स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस’ राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

डिजिटल न्याय व्यवस्था पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम नागरिक-केंद्रित न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ डिजिटल तकनीक न्याय प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।

तकनीक से मजबूत होगा अनुसंधान

img com 2026080217422006706891103758993353597

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानूनों में डिजिटल साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और वैज्ञानिक फॉरेंसिक जांच को कानूनी मान्यता दी गई है। इससे अपराध अनुसंधान और अभियोजन प्रक्रिया अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की शाखा शुरू होने से न्यायिक प्रक्रिया को और मजबूती मिलेगी।

ई-समन और ई-साक्ष्य से बढ़ी गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-साक्ष्य, ई-समन, न्याय श्रुति, सीसीटीएनएस और इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं से न्याय प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और प्रभावी हुई है। ई-समन से सूचना तत्काल संबंधित व्यक्ति तक पहुंच रही है, जबकि ई-साक्ष्य से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का सुरक्षित संरक्षण सुनिश्चित हो रहा है।

ऑनलाइन दर्ज हुईं 1.97 लाख से अधिक एफआईआर

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ के सभी पुलिस थाने ऑनलाइन मोड में कार्यरत हैं। राज्य में अब तक 1 लाख 97 हजार 547 एफआईआर ऑनलाइन दर्ज की जा चुकी हैं तथा नागरिकों को डिजिटल हस्ताक्षरित एफआईआर की प्रति भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए राज्य में नौ नए साइबर थाने भी शुरू किए गए हैं।

प्रशिक्षण और समन्वय पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों का नियमित प्रशिक्षण, क्षमता विकास और मॉनिटरिंग आवश्यक है। राज्य सरकार इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्य न्यायाधीश ने जताया विश्वास

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों और डिजिटल न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य की न्याय व्यवस्था अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और तकनीक आधारित बनेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ इस क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेंद्र यादव, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, अभियोजन अधिकारी, विधि विशेषज्ञ तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

img com 2026080217422015912504187833172610898

Related Articles

Back to top button