जाँजगीर -चाँपा

देवरी पंचायत में पीएम आवास के नाम पर खुली लूट: रोजगार सहायक मांग रहा 10-10 हजार की रिश्वत, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा!

किस्त जारी करने के बदले ‘कमीशन’ का खेल; भ्रष्टाचार की शिकायत लेकर कलेक्टर और जिला पंचायत CEO के पास पहुंचे पीड़ित ग्रामीण

जांजगीर-चाम्पा: गरीबों को पक्का मकान देने की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ बम्हनीडीह जनपद की ग्राम पंचायत देवरी में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। यहाँ के रोजगार सहायक पर ग्रामीणों ने अवैध वसूली और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना ‘सुविधा शुल्क’ दिए उनके मकान की अगली किस्त जारी नहीं की जा रही है।

रिश्वत नहीं तो किस्त नहीं: रोजगार सहायक की दबंगई
ग्राम देवरी के निवासी अशोक बरेठ, मनोज बरेठ, साहेब लाल केवट और श्याम लाल कर्ष सहित अन्य प्रभावित हितग्राहियों ने बताया कि पहली किस्त मिलने के बाद उन्होंने जैसे-तैसे निर्माण कार्य शुरू कराया। लेकिन अब दूसरी और तीसरी किस्त के लिए ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक दिनेश भैना द्वारा प्रति आवास 5 से 10 हजार रुपये की मांग की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पैसा नहीं देने पर रोजगार सहायक उन्हें जनपद स्तर से किस्त रुकवाने की धमकी दे रहा है।

भ्रष्टाचार की परतें: अपात्रों को लाभ और फर्जी जियो-टैगिंग
शिकायत में यह भी खुलासा हुआ है कि देवरी पंचायत में नियमों को ताक पर रखकर अपात्रों को रेवड़ी बांटी जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार कई ऐसे रसूखदार लोग जिनके पास पहले से पक्के मकान मौजूद हैं, उनसे सांठगांठ कर फर्जी जियो-टैग के जरिए उन्हें पात्र दिखा दिया गया है। निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के हक की राशि और भुगतान में भी बड़े स्तर पर हेराफेरी की शिकायत की गई है।

जांच और कार्यवाही की मांग
भ्रष्टाचार से तंग आकर ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। उन्होंने कलेक्टर जांजगीर, जिला पंचायत सीईओ और जनपद सीईओ बम्हनीडीह को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी रोजगार सहायक दिनेश भैना के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्यवाही की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों पर गाज नहीं गिरी, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।

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