Chhattisgarhजाँजगीर -चाँपा

बिरगहनी में कोल वॉशरी विस्तार और 25 मेगावाट पावर प्लांट का विरोध तेज

किसानों ने जताई पर्यावरण और खेती पर असर की चिंता, आंदोलन की तैयारी में जुटे ग्रामीण और महिला समूह

जांजगीर-चांपा। बलौदा तहसील के ग्राम बिरगहनी एवं आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में प्रस्तावित कोल वॉशरी विस्तार और 25 मेगावाट पावर प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों और महिला समूहों ने परियोजना के खिलाफ आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित परियोजना से क्षेत्र की कृषि भूमि, जल स्रोत और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किसानों को आशंका है कि उद्योग से निकलने वाले प्रदूषण के कारण फसलों को नुकसान होगा तथा भूजल और आसपास के जलस्रोत भी प्रभावित हो सकते हैं।

पर्यावरण और स्वास्थ्य को लेकर चिंता

ग्रामीणों के अनुसार कोल वॉशरी और पावर प्लांट के विस्तार से क्षेत्र में धूल और प्रदूषण बढ़ने की संभावना है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि खेती और पर्यावरण दोनों को सुरक्षित रखना उनकी प्राथमिकता है।

रोजगार के दावों पर उठाए सवाल

स्थानीय लोगों ने परियोजना से रोजगार मिलने के दावों पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि पूर्व में किए गए वादों के अनुरूप स्थानीय युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं मिला है। ऐसे में नई परियोजना को लेकर लोगों में भरोसे की कमी है।

आंदोलन की रणनीति तैयार

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ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक किसानों के हितों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की ठोस व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। इसके लिए गांव स्तर पर बैठकें आयोजित कर आगे की रणनीति बनाई जा रही है, जिसमें महिला समूह भी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।

निष्पक्ष मूल्यांकन की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि परियोजना को अंतिम स्वीकृति देने से पहले उसके सामाजिक, पर्यावरणीय और कृषि संबंधी प्रभावों का निष्पक्ष मूल्यांकन कराया जाए। उनका कहना है कि जनहित की अनदेखी किए जाने पर क्षेत्र में व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।

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