किसान स्कूल में सजा राज्य स्तरीय मशरूम महोत्सव, 7 जिलों और ओडिशा से पहुंचे किसान; 10 उत्पादक हुए सम्मानित

वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह में पहली बार आयोजित महोत्सव में मशरूम उत्पादन, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण पर हुआ मंथन
🔴 Aaj Ki Baat News | जांजगीर-चांपा
जांजगीर-चांपा जिले के बहेराडीह स्थित वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल में राज्य स्तरीय मशरूम महोत्सव का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित इस विशेष महोत्सव में जांजगीर-चांपा, सक्ती, कोरबा, बिलासपुर, बस्तर, महासमुंद और धमतरी सहित सात जिलों के मशरूम उत्पादक किसान बड़ी संख्या में शामिल हुए। वहीं पड़ोसी राज्य ओडिशा से भी किसानों ने पहुंचकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप रहे। उनके साथ जिला पंचायत सभापति उमा राजेंद्र राठौर, जनपद पंचायत बलौदा के सभापति चुड़ामणि राठौर, पत्रकार निधि भारद्वाज तथा ग्राम सरपंच पुनाबाई मरकाम सहित कई अतिथि मौजूद रहे।
रोजगार और आत्मनिर्भरता का बना मंच
महोत्सव के दौरान मशरूम उत्पादन को स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर विशेष चर्चा हुई। किसानों और विशेषज्ञों ने मशरूम उत्पादन के आधुनिक तरीकों, विपणन संभावनाओं तथा मूल्य संवर्धन पर अपने अनुभव साझा किए। आयोजन के माध्यम से युवाओं, महिलाओं और किसान समूहों को मशरूम आधारित उद्यमिता अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने किसानों को पैरा और कृषि अवशेषों का उपयोग कर मशरूम उत्पादन बढ़ाने की जानकारी दी। इसके जरिए पराली जलाने की समस्या को कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया गया। किसानों ने एक-दूसरे के अनुभव साझा कर उत्पादन बढ़ाने और बाजार से जुड़ने के नए रास्तों पर चर्चा की।
10 किसानों को मिला ‘मशरूम मित्र सम्मान’
राज्य स्तरीय मशरूम महोत्सव में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 मशरूम उत्पादकों को ‘मशरूम मित्र सम्मान’ से सम्मानित किया गया। अतिथियों ने सम्मानित किसानों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे नवाचार कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल रहे हैं।

कोरबा की परमेश्वरी सिंह ने जीती प्रतियोगिता
महोत्सव के तहत आयोजित राज्य स्तरीय मशरूम प्रतियोगिता में कोरबा की मशरूम उत्पादक एवं मास्टर ट्रेनर परमेश्वरी सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्होंने मशरूम केक, पाउडर, अचार, बड़ी, पापड़, सूप, बिस्किट समेत कई उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई। बिलासपुर के उत्तम पटेल दूसरे और जांजगीर-चांपा जिले के रोहित साहू तीसरे स्थान पर रहे। प्रतियोगिता में शामिल अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार और सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
वैज्ञानिकों और प्रशिक्षकों का भी हुआ सम्मान
महोत्सव में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. खेमादास महंत, मशरूम वैज्ञानिक डॉ. आशीष प्रधान, मास्टर ट्रेनर धनेश्वर माझी, भोजराम यादव और परमेश्वरी सिंह सहित कई विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि मशरूम उत्पादन ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ाने और रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम बन सकता है।

हर वर्ष आयोजन की उठी मांग
कार्यक्रम के अंत में किसानों और अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे प्रतिवर्ष आयोजित करने की मांग की। उनका कहना था कि ऐसे आयोजनों से किसानों को सीखने, नेटवर्किंग करने और नए बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलता है।




