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39 सेकंड में दो भूकंपों ने मचाई तबाही, वेनेजुएला में 32 मौतें; PM मोदी ने जताया दुख

7.2 और 7.5 तीव्रता के झटकों से काराकास समेत कई शहर प्रभावित, राहत-बचाव अभियान जारी; भारत ने हरसंभव सहायता का भरोसा दिया

🔴 Aaj Ki Baat News |

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में बुधवार शाम आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी। महज 39 सेकंड के अंतराल में आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंपों से राजधानी काराकास सहित कई शहरों में इमारतें ढह गईं, सैकड़ों लोग घायल हो गए और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार अब तक 32 लोगों की मौत और 700 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है, जबकि राहत एवं बचाव कार्य जारी होने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

39 सेकंड में आए दो बड़े झटके

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था, जिसका केंद्र काराकास से लगभग 20 किलोमीटर दूर काराबोबो राज्य के पास स्थित था। इसके केवल 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका महसूस किया गया। विशेषज्ञों ने इसे बेहद दुर्लभ “डबल्ट अर्थक्वेक” घटना बताया है, जिसमें कम समय के अंतराल में लगभग समान तीव्रता के दो बड़े भूकंप आते हैं।

राजधानी काराकास में सबसे ज्यादा तबाही

भूकंप का सबसे अधिक असर राजधानी काराकास और उसके आसपास के इलाकों में देखा गया। कई बहुमंजिला इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि कुछ इमारतें पूरी तरह ढह गईं। कई स्थानों पर लोग मलबे में दब गए, जिन्हें निकालने के लिए राहत दल लगातार अभियान चला रहे हैं। सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल रहा और हजारों लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों एवं कार्यालयों से बाहर निकल आए।

आपातकाल घोषित, स्कूल और संस्थान बंद

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वेनेजुएला सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकाल घोषित कर दिया है। कई शहरों में स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और आफ्टरशॉक्स से सतर्क रहने की अपील की है।

मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी

फायर ब्रिगेड, पुलिस, सेना और आपदा राहत दल संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए भारी मशीनों और विशेष बचाव उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अतिरिक्त चिकित्सा दलों की तैनाती की गई है।

PM मोदी ने जताई संवेदना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला में आई इस भीषण प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप से हुई जनहानि और तबाही की खबर से वे दुखी हैं। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ खड़ा है और हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।

सुनामी अलर्ट जारी, बाद में वापस लिया गया

भूकंप के बाद प्यूर्टो रिको, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स और कैरेबियाई क्षेत्र के कई द्वीपों के लिए सुनामी चेतावनी जारी की गई थी। हालांकि विशेषज्ञों द्वारा स्थिति का आकलन करने के बाद लगभग एक घंटे बाद चेतावनी वापस ले ली गई। इसके बावजूद समुद्री तटीय क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

एक सदी की बड़ी आपदाओं में शामिल

भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार यह वेनेजुएला में पिछले एक सदी से अधिक समय में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक है। देश कैरेबियन और दक्षिण अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेटों के संगम क्षेत्र में स्थित है, जिसके कारण यहां भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है। 1967 और 1812 में आए विनाशकारी भूकंपों के बाद इसे आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में गिना जा रहा है।

दुनियाभर से मिल रहा समर्थन

भूकंप के बाद कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने वेनेजुएला को सहायता की पेशकश की है। राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और बचाव विशेषज्ञों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजने की तैयारी की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब राहत एवं बचाव अभियान पर टिकी हुई हैं।

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