जैजैपुर के कोटेतरा में पारंपरिक हर्षोल्लास से मना तीजा पर्व, सरपंच निवास पर महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत

सरपंच सुनीता साहू के आमंत्रण पर जुटीं गांव की सुहागिनें; मिट्टी के शिव-पार्वती की स्थापना कर विधि-विधान से की गई पूजा-अर्चना
🔴 जैजैपुर । छत्तीसगढ़ का पावन और पारंपरिक लोक पर्व तीजा (हरितालिका तीज) ग्राम पंचायत कोटेतरा में बड़े ही श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। सरपंच श्रीमती सुनीता रमेश साहू के विशेष आमंत्रण पर गांव की बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाएं और बेटियां सरपंच निवास में एकत्रित हुईं। इस दौरान पूरा परिसर पारंपरिक गीतों और भक्तिमय माहौल से सराबोर नजर आया।

फूलों और रंगोलियों से सजाया गया सरपंच निवास
तीजा पर्व को लेकर सरपंच निवास को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी रंगोलियों से भव्य रूप से सजाया गया था। गांव की महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ 24 घंटे का निर्जला (बिना अन्न-जल) कठिन व्रत रखा। सरपंच निवास के प्रांगण में सामूहिक रूप से एकत्र होकर महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ पर्व मनाया।
मिट्टी के शिव-पार्वती की पूजा और पारंपरिक तीजा गीत
महिलाओं ने मिलकर विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की मिट्टी की सुंदर प्रतिमाएं बनाईं। इसके बाद पंडित श्री चंद्रशेखर वैष्णव द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। पूजन के दौरान महिलाओं ने छत्तीसगढ़ी पारंपरिक तीजा गीत गाकर एक-दूसरे को बधाई दी। पूजा के समापन पर सभी उपस्थित व्रतियों और ग्रामीणों को पारंपरिक व्यंजनों का प्रसाद वितरित किया गया।
विसर्जन के बाद महिलाओं ने खोला व्रत
आज सुबह पारंपरिक रीति-रिवाजों और भगवान के जयकारों के साथ प्रतिमाओं का स्थानीय तालाब में विसर्जन किया गया, जिसके बाद व्रती महिलाओं ने पारण कर अपना व्रत खोला। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में उपसरपंच श्रीमती मोतिन बाई कर्ष, श्रीमती संगीता कुशल साहू, सरपंच परिवार और समस्त ग्रामवासियों का सराहनीय योगदान रहा।





