Chhattisgarh

‘वंदे मातरम्’ मां भारती की वंदना और राष्ट्रीय चेतना का स्वर: रायपुर में मुख्यमंत्री साय ने किया सामूहिक गान, शिक्षा के साथ संस्कारों पर दिया जोर

छत्तीसगढ़ के 1500 स्थानों पर 5 लाख लोगों ने एक साथ गाई राष्ट्र वंदना; सीएम बोले—संस्कारवान और राष्ट्रभक्त युवा ही बनेंगे विकसित भारत की नींव

🔴 आज की बात News | रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को राजधानी रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सामूहिक गायन कार्यक्रम में शिरकत की। मुख्यमंत्री ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं, आचार्यों और गणमान्य नागरिकों के साथ एक स्वर और एक लय में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यालय के विकास के लिए 50 लाख रुपये प्रदान करने की महत्वपूर्ण घोषणा की।

स्वतंत्रता संग्राम में ऊर्जा का स्रोत बना ‘वंदे मातरम्’

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि मां भारती की वंदना, राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति का सशक्त स्वर है। आजादी की लड़ाई के दौरान इस उद्घोष ने देशवासियों के भीतर स्वाधीनता की चेतना जगाई और क्रांतिकारियों को मातृभूमि के लिए सर्वस्व न्योछावर करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि 150 वर्ष पूर्ण होने का यह ऐतिहासिक अवसर नई पीढ़ी को गौरवशाली इतिहास, बलिदानियों के संघर्ष और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का बोध कराने का सशक्त माध्यम है।

विद्या भारती के आह्वान पर प्रदेशभर में गूंजी राष्ट्र वंदना

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माणिक लाल साहू ने बताया कि विद्या भारती के आह्वान पर देशभर में 25 हजार स्थानों पर लगभग 1 करोड़ लोगों ने सामूहिक गान किया। वहीं छत्तीसगढ़ में भी 1500 स्थानों पर करीब 5 लाख लोगों ने एक साथ ‘वंदे मातरम्’ गाया। मां सरस्वती बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नीलेश अग्रवाल ने ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बताते हुए सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन और नागरिक कर्तव्यों जैसे पंच परिवर्तनों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

संस्कार, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ किताबी ज्ञान या डिग्री तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति से परिपूर्ण हो ताकि जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण हो सके। उन्होंने बताया कि सरकार दूरस्थ अंचलों तक बेहतर शिक्षा पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। दिल्ली स्थित ट्रायबल यूथ हॉस्टल की सीटें बढ़ाकर 200 की गई हैं, जहां के 13 छात्रों ने हाल ही में यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफलता हासिल की है।

छात्रों से आह्वान: बड़ा सपना देखें और ईमानदारी से करें मेहनत

विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में बड़ा लक्ष्य तय करें और उसे पाने के लिए अनुशासन व लगन के साथ जुट जाएं। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता; छात्र अपनी सफलता को देश व समाज की प्रगति से जोड़ें। कार्यक्रम में विधायक राजेश मूणत, राजीव लोचन महाराज, मयंक बैस, राघवेंद्र सिंह ठाकुर, अजय कुलश्रेष्ठ सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र व नागरिक उपस्थित रहे।

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