गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के बाद जांजगीर-चांपा में अलर्ट: कलेक्टर ने दिए महानदी तटीय क्षेत्रों में निगरानी के निर्देश

राजस्व, जल संसाधन और नगर सेना को 24 घंटे सतर्क रहने के आदेश; निचले इलाकों में मुनादी कराकर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्टिंग की तैयारी
🔴 आज की बात News | जांजगीर-चांपा। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने महानदी के तटीय क्षेत्रों में राहत एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने राजस्व, जल संसाधन और नगर सेना (होमगार्ड) सहित संबंधित महकमों को सभी आवश्यक तैयारियां चाक-चौबंद रखने को कहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
संवेदनशील बस्तियों में मुनादी कराने के निर्देश
कलेक्टर ने महानदी के किनारे बसे ऐसे आबादी वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने को कहा है, जहां पूर्व के वर्षों में बाढ़ या जलभराव की स्थिति बनती रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन संवेदनशील इलाकों में कोटवारों और प्रशासनिक अमले के माध्यम से तत्काल मुनादी कराई जाए, ताकि ग्रामीणों को संभावित बाढ़ के खतरे और बचाव के जरूरी उपायों की समय रहते जानकारी मिल सके।
सुरक्षित स्थानों का चिन्हांकन और राहत की पूर्व तैयारी
प्रशासन ने किसी भी आकस्मिक जलभराव से निपटने के लिए पहले से ही सुरक्षित आश्रय स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि जलस्तर बढ़ता है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित करने की नौबत आती है, तो चिह्नित भवनों में भोजन, पेयजल, प्रकाश और स्वास्थ्य सुविधाओं के पर्याप्त इंतजाम पहले से सुनिश्चित होने चाहिए। सभी संबंधित विभागों को बचाव नौकाओं, गोताखोरों और जरूरी उपकरणों के साथ मुस्तैद रहने को कहा गया है।



