सीएम हाउस में तीजा-पोरा का उल्लास: ‘विष्णु भैया’ का घर बना बहनों का मायका, मुख्यमंत्री ने बच्चों को कराया अन्नप्राशन

हर घर मुनगा’ अभियान और पोषण रथ का शुभारंभ; महतारी वंदन से अब तक ₹20 हजार करोड़ से अधिक अंतरित, 13.50 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
🔴 रायपुर। नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास तीजा-पोरा तिहार के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारिवारिक आत्मीयता और मातृशक्ति के उल्लास का साक्षी बना। प्रदेश के विभिन्न अंचलों से बड़ी संख्या में पहुंचीं माताओं, बहनों और बेटियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में तीजा पर बेटियों के मायके आने की सुंदर परंपरा है। आज प्रदेशभर से बहनें यहां आई हैं, इसलिए मुख्यमंत्री निवास वास्तव में आप सभी का मायका है। अपने भाई के घर आपका आगमन मेरे लिए परम सौभाग्य और आनंद की बात है। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान व राष्ट्रीय पोषण माह शुरू
कुपोषण मुक्ति के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री ने प्रदेशव्यापी ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान के लोगो का विमोचन कर इसकी विधिवत शुरुआत की। उन्होंने कहा कि मुनगा पोषक तत्वों और आवश्यक खनिजों से भरपूर है, इसे हर घर की बाड़ी में लगाया जाना चाहिए। इसके साथ ही 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक आयोजित हो रहे ‘राष्ट्रीय पोषण माह 2026’ के पोस्टर का विमोचन कर सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नन्हे बच्चों को अपने हाथों से खीर खिलाकर अन्नप्राशन संस्कार कराया और उपस्थित माताओं-बहनों को सुपोषण की शपथ दिलाई।
महतारी वंदन की 31 किस्तों में 20 हजार करोड़ से अधिक जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं को 31 किस्तों के जरिए अब तक 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि लक्ष्य से आगे बढ़कर अब तक 13.50 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। इसके अलावा महिलाएं ‘ड्रोन दीदी’, ‘रानी मिस्त्री’ और ‘डीलर दीदी’ के रूप में नई पहचान बना रही हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर 50 प्रतिशत पंजीयन शुल्क तथा 1 प्रतिशत स्टांप शुल्क की छूट दी जा रही है।
छत्तीसगढ़ी गांव के रंग में रंगा सीएम हाउस, पारंपरिक खेलों की मची धूम
मुख्यमंत्री निवास को पारंपरिक बैलगाड़ी, नंदिया-बइला, लोकशिल्प और झूलों से सुसज्जित कर छत्तीसगढ़ी गांव का जीवंत स्वरूप दिया गया था। परिसर में फुगड़ी, रस्साकशी, कुर्सी दौड़ और मेहंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिसमें महिलाओं ने पूरे उत्साह से भाग लिया।
समारोह में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, मंत्री गजेंद्र यादव, मंत्री दयाल दास बघेल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष वर्णिका शर्मा, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, सांसद लक्ष्मी वर्मा, महापौर मीनल चौबे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और मातृशक्ति उपस्थित रहीं।





