अवैध खेती पर प्रशासन की पैनी नजर: कलेक्टर और एसपी के कड़े निर्देश, लापरवाही बरतने वाले पटवारी-सचिव पर होगी कार्रवाई

जांजगीर-चांपा । 23 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार जांजगीर-चांपा जिले में अवैध मादक पदार्थों, विशेषकर अफीम की खेती को रोकने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने कमर कस ली है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक विजय पांडेय ने संयुक्त रूप से कड़े निर्देश जारी करते हुए मैदानी अमले को गांव-गांव में सघन निगरानी रखने को कहा है।
मैदानी अमले को संयुक्त सर्वे के निर्देश
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पटवारी, पंचायत सचिव और कोटवार तथा नगरीय क्षेत्रों में नगर पालिका व नगर पंचायत की टीमें संयुक्त रूप से सर्वे करेंगी। इस दौरान खेतों और संदिग्ध क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा ताकि अफीम या अन्य मादक पदार्थों की खेती की किसी भी संभावना को खत्म किया जा सके।
नदी किनारे और वन क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
प्रशासन ने उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं जो:
नदी के किनारे स्थित हैं। वन क्षेत्रों से लगे हुए हैं। एकांत या संदिग्ध भौगोलिक स्थिति वाले हैं। राजस्व, पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों को समन्वय बनाकर कार्य करने के साथ-साथ कृषि, उद्यानिकी और रेशम विभाग के विशेषज्ञों की मदद लेने के भी निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही पड़ सकती है भारी
कलेक्टर ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी क्षेत्र में अवैध अफीम या गांजे की खेती पाई जाती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित क्षेत्र के पटवारी और ग्राम सचिव को जिम्मेदार माना जाएगा और उनके विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सूचना मिलते ही तत्काल जांच कर रिपोर्ट जिला प्रशासन और पुलिस मुख्यालय को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में रहे मौजूद
इस उच्च स्तरीय बैठक में जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर ज्ञानेंद्र सिंह ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उदयन बेहार, अपर कलेक्टर आर के तंबोली सहित राजस्व विभाग के आला अधिकारी उपस्थित रहे।




