बिलासपुर में बर्ड फ्लू का अलर्ट: कोनी सरकारी पोल्ट्री फार्म में 4,400 मुर्गियों की मौत, 10 KM का दायरा सील!

बिलासपुर/जांजगीर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) के प्रकोप ने दस्तक दे दी है। पिछले 5 दिनों (19 मार्च से 24 मार्च) के भीतर यहाँ लगभग 4,400 मुर्गियों की मौत हो गई है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
पशु चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. जी.एस. तंवर ने बताया कि मृत पक्षियों के सैंपल जांच के लिए भोपाल और पुणे भेजे गए थे। भोपाल की प्रयोगशाला ने अब आधिकारिक तौर पर ‘एवियन इन्फ्लूएंजा’ (बर्ड फ्लू) की पुष्टि कर दी है। संक्रमण की पुष्टि होते ही बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने तत्काल प्रभाव से रोकथाम और नियंत्रण के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन का कड़ा एक्शन: 1 KM क्षेत्र घोषित ‘संक्रमित’
फार्म के आसपास के 1 किलोमीटर के दायरे को ‘संक्रमित क्षेत्र’ घोषित किया गया है। प्रोटोकॉल के तहत इस दायरे में आने वाले सभी पक्षियों, अंडों और चारे को नष्ट किया जाएगा।
फार्म से 10 किलोमीटर तक के दायरे को ‘निगरानी क्षेत्र’ बनाया गया है। पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री और आवागमन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। प्रभावित फार्म परिसर को जल्द ही सील कर दिया जाएगा।
त्वरित प्रतिक्रिया टीमें (QRT) तैनात
स्थिति से निपटने के लिए पशुपालन विभाग ने विशेष टीमों का गठन किया है। ये टीमें पक्षियों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करने, सैनिटाइजेशन और इलाके की निगरानी का काम करेंगी। प्रभावित पोल्ट्री मालिकों को सरकार की ओर से नियमानुसार मुआवजा भी दिया जाएगा।
इंसानों पर खतरा? स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर
राहत की बात यह है कि अभी तक इंसानों में संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, एहतियात के तौर पर फार्म में काम करने वाले कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें एंटीवायरल दवाएं दी जाएंगी।
कलेक्टर की अपील: अफवाहों से बचें
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे बर्ड फ्लू को लेकर सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न दें। सतर्क रहें, मुर्गा और अंडा उत्पादों के सेवन में सावधानी बरतें और प्रशासन की गाइडलाइंस का पालन करें।




