रामायण दो शब्दों के मेल से बना है – पूर्व मुख्य न्यायाधीश, रविवारीय राम कथा में शामिल हुए पूर्व मुख्य न्यायाधीश व उनके सहयोगी

जांजगीर चाम्पा। धर्म एवं आध्यात्म की पावन नगरी शिवरीनारायण में रविवारीय राम कथा का आयोजन हुआ। इसमें राजेश्री महंत जी महाराज के साथ पूर्व मुख्य न्यायाधीश, पूर्व जिलाधीश सहित अनेक सम्मानित जन परिवार सहित उपस्थित हुए। प्राप्त जानकारी के अनुसार 12 अप्रैल को शिवरीनारायण मठ में आयोजित इस राम कथा में रायपुर से पधारे पूर्व मुख्य न्यायाधीश टी.पी. शर्मा एवं उनके सहयोगियों का स्वागत महामंडलेश्वर राजेश्री महंत रामसुंदर दास जी महाराज, ट्रस्ट कमेटी एवं रामायण आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा किया गया।

इस अवसर पर मानस प्रेमियों को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि रामायण दो शब्दों से मिलकर बना है – राम + आयन। ‘आयन’ शब्द की व्याख्या करते हुए उन्होंने बताया कि भौतिक शास्त्र में आयन का अर्थ विद्युत आवेशित परमाणुओं का समूह होता है। राम विश्व का पर्याय हैं, अतः रामायण का शाब्दिक अर्थ यह है कि जिसके पढ़ने, सुनने और अध्ययन करने से व्यक्ति राममय हो जाए, वही रामायण है।
इसके पूर्व राजेश्री महंत जी महाराज ने कहा कि राम नाम की महिमा अनंत है। वाल्मीकि जी ने उल्टा नाम जपते हुए ब्रह्म के समान स्थिति प्राप्त की— “उल्टा नाम जपत जग जाना, वाल्मीकि भए ब्रह्म समाना।”
कार्यक्रम में लोक कलाकार राकेश शर्मा ने भी अपने विशिष्ट अंदाज में प्रस्तुति देकर श्रोताओं को आनंदित किया।

इस अवसर पर जांजगीर-चांपा जिले के पूर्व कलेक्टर बृजेश मिश्रा, अनिल शर्मा, संस्कृति विशेषज्ञ अशोक तिवारी, राव साहब, सुखराम दास जी, त्यागी जी महाराज, दिनेश दुबे, योगेश शर्मा, दिनेश गोस्वामी, निरंजन लाल अग्रवाल, गंगाराम केवट, भगत राम साहू, राधेलाल जायसवाल, परदेसी राम साहू, कोमल साहू, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव सहित अनेक मानस मर्मज्ञ एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रंगनाथ यादव ने किया।
उल्लेखनीय है कि श्री शर्मा एवं उनके सहयोगियों ने भगवान जगन्नाथ जी का प्रसाद ग्रहण किया तथा श्रद्धालुओं से भेंट कर स्वयं भोजन परोसते हुए समाज सेवा में सहभागिता भी निभाई। इसके पश्चात उन्होंने भगवान शिवरीनारायण का दर्शन-पूजन किया।





