समीक्षा बैठक: 15 मार्च तक मनरेगा और जून तक पूरे करें पीएम आवास, जिला पंचायत सीईओ के सख्त निर्देश

जांजगीर-चांपा। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) गोकुल रावटे ने शुक्रवार को जनपद पंचायत नवागढ़ में विकास कार्यों की मैराथन समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने स्पष्ट लहजे में अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मनरेगा कार्यों को 15 मार्च तक और प्रधानमंत्री आवासों को जून माह तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने पर जोर
बैठक के दौरान जिला सीईओ ने मनरेगा के अंतर्गत स्वीकृत सभी अधूरे कार्यों को 15 मार्च तक हर हाल में पूरा करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि मजदूरों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए और कार्यों की गुणवत्ता मानक स्तर की हो। उन्होंने तकनीकी सहायकों और रोजगार सहायकों को कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण करने तथा प्रगति की साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
पीएम आवास के लिए 90 दिन की मजदूरी सुनिश्चित हो
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए श्री रावटे ने कहा कि निर्माणाधीन आवासों को जून माह तक पूर्ण किया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि योजना के पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार 90 दिवस की मजदूरी का भुगतान समय पर हो। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जल संरक्षण और पोर्टल एंट्री पर फोकस
बैठक में जल संचय और जनभागीदारी से जुड़े कार्यों पर विशेष चर्चा हुई। सीईओ ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश दिए:
युक्तधारा पोर्टल: योजनाओं की कार्ययोजना को नियमित रूप से पोर्टल पर अपलोड करें।
डबरी प्रस्ताव: निजी डबरी निर्माण के प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजें ताकि जल संरक्षण को गति मिले।
पारदर्शिता: सभी स्वीकृत कार्यों की समय पर पोर्टल एंट्री सुनिश्चित की जाए ताकि आंकड़ों में पारदर्शिता बनी रहे।
चेतावनी: जिला सीईओ श्री रावटे ने अधिकारियों-कर्मचारियों को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और लक्ष्य प्राप्ति में पीछे रहने वालों पर गाज गिर सकती है।
इस समीक्षा बैठक में जनपद सीईओ, सहायक अभियंता, कार्यक्रम अधिकारी समेत सभी तकनीकी सहायक और रोजगार सहायक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।




