नारी शक्ति वंदन अधिनियम ऐतिहासिक: अब नीति-निर्माण में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी – सांसद कमलेश जांगड़े

जांजगीर चाम्पा। जांजगीर-चांपा की सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने सर्किट हाउस में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने नारी शक्ति वंदन सशक्त नारी, सशक्त भारत” विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया।
नीति-निर्माण में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी
सांसद जांगड़े ने कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और भी मजबूत होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब महिलाएं केवल सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि देश के नीति-निर्माण में भी उनकी सक्रिय और निर्णायक भूमिका होगी। यह अधिनियम विकसित भारत 2047′ के लक्ष्य को हासिल करने में मील का पत्थर साबित होगा।
नारी शक्ति के सम्मान का नया अध्याय : इंजी सत्यलता जिला पंचायत अध्यक्ष सत्यलता मिरी ने भी केंद्र सरकार की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय नारी शक्ति के सम्मान और उनके अधिकारों को वैधानिक मजबूती देने वाला है, जिससे हर क्षेत्र में महिलाओं के आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त होगा।
प्रमुख जानकारी एक नजर में:
आरक्षण: लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित होंगी।
विशेष सत्र: अधिनियम के क्रियान्वयन हेतु 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र प्रस्तावित है।
इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती मीरा मिहिर पतकी, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी श्रीमती सत्यलता मिरी इंजी रवि पाण्डेय, श्रीमती नंदिनी रजवाड़े और जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा श्रीमती संतोषी सिंह सहित जिले की अग्रणी मातृ शक्ति की उपस्थित रहे।




