बस्तर में दुग्ध क्रांति, सिंचाई और रोजगार पर बड़ा फोकस, CM साय ने रखा विकसित छत्तीसगढ़ का विजन

नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर के आर्थिक पुनरुत्थान का रोडमैप पेश किया, तीन साल में हर परिवार की आय 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंचाने का लक्ष्य।
🔴 Aaj Ki Baat News | नई दिल्ली
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर के लिए विकास का व्यापक विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि बस्तर अब हिंसा की पहचान से आगे बढ़कर रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और कृषि आधारित विकास का मॉडल बनेगा।
तीन साल में आय दोगुनी करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में बस्तर के लगभग 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। सरकार ने अगले तीन वर्षों में प्रत्येक परिवार की मासिक आय बढ़ाकर 30 हजार रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए खेती, पशुपालन, वन उपज, लघु उद्योग और विभिन्न योजनाओं को एकीकृत किया जा रहा है।
दुग्ध क्रांति से मिलेगा स्थायी रोजगार
बस्तर में डेयरी मॉडल को तेजी से लागू करने की योजना है। आदिवासी परिवारों को दुधारू गाय और भैंस उपलब्ध कराकर स्थायी आय के स्रोत विकसित किए जाएंगे। इससे महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
2 हजार करोड़ की सिंचाई परियोजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे किसानों को सालभर खेती करने और नकदी फसलों की ओर बढ़ने का अवसर मिलेगा।
36 लाख लोगों की बनेगी डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए बस्तर के लगभग 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है। इससे मरीजों का चिकित्सा रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच सकेंगी।
‘सेवा डेरा’ से गांवों तक पहुंचेगी 371 योजनाएं
बस्तर में स्थापित लगभग 200 सुरक्षा शिविरों को अब “सेवा डेरा” के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां राशन, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, बैंकिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित 371 सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
पर्यटन बनेगा रोजगार का बड़ा माध्यम
सरकार चित्रकोट और सिरपुर को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। बस्तर में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स और जंगल सफारी को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
AI सेमीकंडक्टर और शिक्षा पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में एआई मिशन, पर्यटन मिशन, खेल मिशन और स्टार्टअप-निपुण मिशन संचालित किए जा रहे हैं। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपये की लागत से एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। वहीं राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दो आधुनिक इकाइयों की स्थापना भी प्रस्तावित है।
निर्यात और निवेश में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक राज्य से 761.76 करोड़ रुपये का निर्यात दर्ज किया गया, जिसमें खुशबूदार चावल का महत्वपूर्ण योगदान रहा।





