बड़ी राहत: छत्तीसगढ़ में अब रजिस्ट्री कराना हुआ सस्ता, साय सरकार ने 0.60% टैक्स किया खत्म

रायपुर । छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने प्रदेश की जनता को बड़ी आर्थिक राहत देते हुए जमीन-मकान की रजिस्ट्री पर लगने वाले 0.60 प्रतिशत उपकर (Cess) को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद अब अचल संपत्ति का क्रय-विक्रय करना काफी सस्ता हो जाएगा।
आम जनता को बड़ा फायदा
इस फैसले से सबसे ज्यादा लाभ मध्यमवर्गीय परिवारों और किसानों को होगा।
ऐसे समझें फायदा: अगर आप 10 लाख रुपये की जमीन या मकान की रजिस्ट्री कराते हैं, तो अब आपको सीधे 6,000 रुपये कम देने होंगे।
बड़ी डील पर बड़ी राहत: इसी तरह 1 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी पर अब सीधे 60 हजार रुपये की बचत होगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि पिछली सरकार ने कुछ योजनाओं के लिए स्टाम्प शुल्क के ऊपर यह अतिरिक्त टैक्स लगाया था। चूंकि अब उन योजनाओं का स्वरूप बदल चुका है, इसलिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस ‘अतिरिक्त बोझ’ को हटाने का निर्णय लिया गया।
सरकार ने छोड़े 150 करोड़ रुपये
हैरानी की बात यह है कि इस उपकर (सेश) से सरकार को साल भर में लगभग 150 करोड़ रुपये की कमाई हो रही थी। लेकिन जनता के हित को देखते हुए सरकार ने इस भारी-भरकम राजस्व का त्याग कर दिया है।
प्रॉपर्टी बाजार में आएगी चमक
जानकारों का मानना है कि रजिस्ट्री के रेट कम होने से अब लोग अपनी संपत्तियों का पंजीयन कराने के लिए आगे आएंगे। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर में भी तेजी देखने को मिलेगी। छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) अधिनियम, 2026 की अधिसूचना जारी होते ही यह नियम पूरे प्रदेश में लागू हो गया है।




