जाँजगीर -चाँपा

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: खरौद के श्री लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर में गूंजा आस्था और राष्ट्र गौरव का संदेश

सांसद कमलेश जांगड़े सहित जनप्रतिनिधियों ने की पूजा-अर्चना, वर्चुअल माध्यम से सुना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन

जांजगीर-चांपा, 11 मई 2026। “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व  अटूट आस्था के 1000 वर्ष” के अवसर पर जिले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल श्री लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर, खरौद में श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक स्वाभिमान से ओतप्रोत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता करते हुए भगवान श्री लक्ष्मणेश्वर महादेव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

इस दौरान गुजरात के सोमनाथ में आयोजित राष्ट्रीय शिखर कार्यक्रम का वर्चुअल प्रसारण भी मंदिर परिसर में किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का उद्बोधन सुना।

कार्यक्रम में जांजगीर-चांपा लोकसभा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, पूर्व संसदीय सचिव  अम्बेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता मिरी, नगर पंचायत खरौद अध्यक्ष  गोविंद यादव, उपाध्यक्ष  महेश्वर प्रसाद यादव, नवागढ़ जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शांता मनमोहन कश्यप, पामगढ़ नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गौरी जांगड़े, शिवरीनारायण नगर पंचायत अध्यक्ष  राहुल थवाईत, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती संतोषी सिंह रात्रे,  गुलाब सिंह चंदेल,  चंद्रकांत तिवारी, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, वनमंडलाधिकारी  हिमांशु डोंगरे, पामगढ़ एसडीएम सहित जनप्रतिनिधि, पार्षदगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सोमनाथ मंदिर आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक : सांसद

लोकसभा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत की संस्कृति, आस्था और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारतीय संस्कृति की अटूट शक्ति, श्रद्धा और पुनर्जागरण का प्रतीक रहा है। इतिहास में अनेक आक्रमणों और चुनौतियों के बावजूद भारतीय संस्कृति और आस्था को कभी समाप्त नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं विकास को नई दिशा और गति मिली है। यह पर्व हमें अपनी संस्कृति, परंपरा और राष्ट्र गौरव को बनाए रखने की प्रेरणा देता है।

पुनर्जागरण और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है सोमनाथ

पूर्व संसदीय सचिव अम्बेश जांगड़े ने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होना पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि इतिहास में कई बार मंदिर पर आक्रमण कर भारतीय संस्कृति को मिटाने का प्रयास किया गया, लेकिन आस्था कभी समाप्त नहीं हुई। सोमनाथ मंदिर आज भी भारतीय संस्कृति, पुनर्जागरण और राष्ट्रीय स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक बना हुआ है।

भारतीय संस्कृति सदैव अटूट रही : इंजी सत्यलता मिरी

जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता मिरी ने कहा कि आज का दिन सांस्कृतिक सम्मान और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जिले के प्राचीन एवं ऐतिहासिक मंदिर परिसर में उपस्थित होकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का उद्बोधन सुनना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ने इतिहास में अनेक चुनौतियों का सामना किया, लेकिन उसकी आत्मा और परंपरा सदैव अमर और अटूट बनी रही।

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