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किसानों की समस्याओं को लेकर गरजे कांग्रेसी, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा नौ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन, जिला किसान कांग्रेस का आयोजन

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ किसानों को खाद-बीज की कमी, व्यावहारिक दिक्कतों, सरकारी नियंत्रण और प्रशासनिक कुप्रबंधन का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी एवं जिला किसान कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन के तहत धरना-प्रदर्शन किया गया तथा मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को नौ सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया।

कचहरी चौक में आयोजित धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है। खरीफ सीजन सिर पर है, लेकिन सोसायटियों में खाद और बीज उपलब्ध नहीं हैं। प्रति एकड़ एक बोरी खाद का नियम बनाकर सरकार ने किसानों के साथ अन्याय किया है। किसान कांग्रेस और जिला कांग्रेस इस व्यवस्था को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

जिला किसान कांग्रेस के अध्यक्ष कमल साव (काका) ने कहा कि सरकार सहकारी समितियों को मजबूत करने के बजाय उन्हें भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन का केंद्र बना चुकी है। किसान समितियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। यदि समय रहते खाद-बीज का सुचारू वितरण सुनिश्चित नहीं किया गया तो खरीफ की बोनी प्रभावित होगी, जिसका सीधा असर उत्पादन और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

रामकुमार पटेल, पूर्व अध्यक्ष, शाकंभरी बोर्ड ने कहा कि वर्तमान में किसानों की स्थिति बेहद दयनीय है। अन्नदाता सुबह उम्मीद लेकर सोसायटियों और बाजारों की ओर निकलता है, लेकिन शाम तक उसके हिस्से में केवल लंबी कतारें, धक्के और प्रशासनिक बहाने ही आते हैं।

पूर्व जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों पर ट्रैक्टर लाने की अनिवार्यता और जरकिन (कैन) में डीजल देने पर लगी पाबंदी ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। भीषण गर्मी में किसान खेती का काम करें या पेट्रोल पंपों पर लाइन में खड़े रहें। ऊपर से अघोषित बिजली कटौती के कारण सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरकार से तत्काल जरकिन में डीजल आपूर्ति बहाल करने और बिजली कटौती पर रोक लगाने की मांग की।

धरना-प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम नौ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। इसमें खाद कटौती संबंधी आदेश वापस लेने, खरीफ सीजन में प्रति एकड़ मात्र एक बोरी खाद की पात्रता समाप्त करने, तीन किश्तों में खाद वितरण की व्यवस्था खत्म करने तथा पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को भी एकमुश्त खाद उपलब्ध कराने सहित अन्य मांगें शामिल हैं।

कार्यक्रम के दौरान गिरधारी यादव, संदीप यादव, जगदीश राठौर, किशोर साहू, लोकेश राठौर, पंकज शुक्ला, सुनील साधवानी, भगवान दास गढ़वाल, गौरव सिंह, देवकुमार पाण्डेय, राजू रतिया एवं भुनेश्वर साहू ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम का संचालन रफीक सिद्दीकी ने किया तथा आभार प्रदर्शन कमल साव द्वारा किया गया।

धरना-प्रदर्शन एवं ज्ञापन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अकील हुसैन (प्रभारी महामंत्री-संगठन, छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान कांग्रेस), सुनील सोनकर (प्रदेश महामंत्री), डॉ. संजय साहू (प्रदेश सचिव), हरीश पाण्डेय, दुर्गा कुर्रे, अमृत लाल, रवि कुमार, जगन्नाथ यादव, मदन कहरा, किशन पटेल, रूपेश कश्यप, शीतल दास मानिकपुरी, राजा रावत, रवि रावत, शेर सिंह कश्यप, टी.आर. लहरें, संजय जायसवाल, मुद्रिका प्रसाद कौशिक, थानूराम टंडन, सेवक राम, राजू कश्यप, आशीष कश्यप, सिद्धेश्वर, खगेन साहू, लकी साहू, कटिया साहू, साइमन, रवि कश्यप, रवि यादव, राजू खान, उमाकांत राठौर, रामकृष्ण साहू, मुकेश कुमार साहू, वेदराम कश्यप, निर्मल प्रधान, प्रभु राम कश्यप, मनोज कश्यप, चमन धीवार, रामविलास राठौर, सानिया जांगड़े, प्रदीप यादव, राधे-राधे, कृष्णा कश्यप, अरमान खान, तेरस राम, रवि राठौर, अनिल राठौड़, अक्षय राठौड़, अजीत सिंह राणा, जगदीश प्रधान, रविंद्र देवांगन एवं राजू सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान उपस्थित रहे।

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