नशेड़ी दूल्हे को लौटाने वाली बेटी को मिला सम्मान, जांजगीर-चांपा पुलिस ने बनाया महिला काउंसलर

शराब के नशे में पहुंचे दूल्हे को ठुकराकर बनी थी चर्चा का केंद्र, अब परिवार परामर्श केंद्र में निभाएंगी जिम्मेदारी
🔴 Aaj Ki Baat News | जांजगीर-चांपा
जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम कोसमंदा की उस साहसी युवती को पुलिस विभाग ने विशेष सम्मान दिया है, जिसने अपने विवाह समारोह में शराब के नशे में पहुंचे दूल्हे को देखकर शादी से इनकार कर दिया था। युवती के इस फैसले ने पूरे जिले में चर्चा बटोरी थी और लोगों ने इसे आत्मसम्मान, महिला सशक्तिकरण तथा नशामुक्त समाज की दिशा में एक मजबूत संदेश बताया था। अब जांजगीर-चांपा पुलिस ने इस साहसिक निर्णय को सम्मान देते हुए युवती को परिवार परामर्श केंद्र में महिला काउंसलर की जिम्मेदारी सौंपी है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उसे सम्मानित भी किया गया।
सिंदूर रस्म के दौरान लिया था बड़ा फैसला
जानकारी के अनुसार विवाह समारोह के दौरान सिंदूर रस्म के समय युवती ने दूल्हे को शराब के नशे में पाया। स्थिति को देखते हुए उसने शादी करने से साफ इनकार कर दिया और बारात को वापस लौटा दिया। घटना के बाद यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया था।
नशे के खिलाफ दिया सामाजिक संदेश
युवती के इस कदम को समाज में नशे के प्रति जागरूकता और महिलाओं के आत्मसम्मान से जोड़कर देखा गया। लोगों का कहना था कि विवाह जैसे महत्वपूर्ण रिश्ते में सम्मान, जिम्मेदारी और विश्वास सबसे अहम होते हैं। ऐसे में युवती ने साहस दिखाते हुए अपने भविष्य को प्राथमिकता दी।
पुलिस अधीक्षक ने किया सम्मानित
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) ने युवती को सम्मानित करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ उसका साहसिक कदम समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। यह फैसला युवाओं और महिलाओं को अपने अधिकारों, सम्मान और बेहतर भविष्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश देता है।
परिवार परामर्श केंद्र में निभाएंगी भूमिका
पुलिस विभाग ने बताया कि समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने और पारिवारिक मामलों के समाधान में युवती की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उसे परिवार परामर्श केंद्र, जांजगीर का महिला काउंसलर नियुक्त किया गया है। वह अब पारिवारिक विवादों और सामाजिक मामलों में परामर्श प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगी।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी
सम्मान समारोह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप, सीएसपी योगिताबाली खापर्डे, डीएसपी सतरूपा तारम, थाना प्रभारी चांपा निरीक्षक अशोक वैष्णव सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने युवती के निर्णय को महिला सम्मान और नशामुक्त समाज की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
बन रही नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा
कोसमंदा की इस बेटी का साहसिक निर्णय अब केवल एक विवाह समारोह की घटना नहीं रह गया है, बल्कि यह समाज में महिलाओं के आत्मविश्वास, स्वाभिमान और सही निर्णय लेने की क्षमता का प्रतीक बनकर उभरा है। पुलिस द्वारा दिया गया सम्मान निश्चित रूप से अन्य युवाओं और महिलाओं को भी सकारात्मक संदेश देगा।




