भ्रष्टाचारसक्ती

PHE विभाग के 1.60 करोड़ के टेंडरों पर उठे सवाल, चहेती फर्म को उपकृत करने का आरोप

कलेक्टर अमृत विकास तोपनो से हुई उच्चस्तरीय जांच की शिकायत, ओवरराइटिंग के बावजूद दस्तावेज पास करने का दावा

सक्ती। जिले के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग में लगभग 1.60 करोड़ रुपये के तीन टेंडरों (क्रमांक 184899, 184897 एवं 184898) में बड़े पैमाने पर धांधली और मिलीभगत के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रक्रिया में शामिल ठेकेदारों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर शासन को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति पहुँचाई और एक विशेष फर्म को अनुचित लाभ दिया है। मामले की लिखित शिकायत कलेक्टर अमृत विकास तोपनो से करते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

16% कम रेट देने वालों को किया अपात्र, तीनों टेंडरों में एक ही L-1 व L-2 फर्म

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, तीनों टेंडरों में 7 से 8 ठेकेदारों ने हिस्सा लिया था। आरोप है कि जिन ठेकेदारों ने विभाग को 16 प्रतिशत तक कम दर (रेट) का प्रस्ताव दिया था, उनके दस्तावेजों में जानबूझकर कमियां निकालकर उन्हें बिना पूर्व सूचना दिए निरस्त कर दिया गया। वहीं, जिस फर्म को काम सौंपा गया, उसके शपथ पत्र (Affidavit) में ओवरराइटिंग और एनेक्सचर में हस्ताक्षर न होने के बावजूद उसे पात्र मान लिया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि तीनों अलग-अलग टेंडरों में L-1 और L-2 के रूप में एक ही फर्मों का चयन हुआ है, जिससे सीधी विभागीय मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।

पारदर्शी प्रक्रिया पर उठे सवाल, कलेक्टर की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

मामले में टेंडर प्रक्रिया के नियमों के उल्लंघन का भी आरोप है, जिसके तहत निरस्त करने से पहले ठेकेदारों को ऑनलाइन या ऑफलाइन सूचना देना अनिवार्य था। सक्ती PHE विभाग में लंबे समय से करोड़ों के कार्यों में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में अब सभी की निगाहें कलेक्टर अमृत विकास तोपनो पर टिकी हैं कि वे मामले में उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर दस्तावेजों की जांच कराते हैं या नहीं।

अधिकारियों का पक्ष

नितिन तंबोली (टेंडर प्रभारी, PHE सक्ती): “मैंने पेपर चेक किए थे। एफिडेविट में ओवरराइटिंग स्वीकार्य नहीं होती और ऐसे दस्तावेज रिजेक्ट होते हैं। लेकिन संबंधित पेपर उच्च अधिकारियों से पास होकर आए हैं। उन्होंने किस आधार पर पास किया, इसका जवाब वही दे सकते हैं।”
मंडावी (मुख्य कार्यपालन अभियंता, PHE सक्ती): “टेंडर प्रक्रिया के दौरान हमने सभी दस्तावेज उच्च स्तर पर भेजे थे। वहां जिन दस्तावेजों को सही पाया गया, उसी के आधार पर संबंधित फर्म को कार्य आवंटित किया गया है।”

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